Wednesday, April 30, 2014

tere liye dil

तेरे लिए दिल मेरा बेकरार है,
फ़क़त तेरे प्यार की दरकार है,
मेरे सनम इक बार तुम आओ,
रैना को मुद्दत से तेरा इंतजार है। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय मां   

jab se beprda sanm

दोस्तों पढ़ कर अपनी राय से
अवगत जरूर करवाये

जबसे बेपर्दा सनम होने लगे,
हुस्न के जलवे कम होने लगे।
उनकी बेवफाई हद से गुजरी,
अब मेरे नयना नम होने लगें।
वो करते मेरे रकीबों की चर्चा,
आशिक को ये गम होने लगे।
लोग वक़्त की नजाकत समझे,
तभी तो पत्थर नरम होने लगें।
चार अक्षर पढ़ने लिखने के बाद,
देखो लोग बेहया बेशर्म होने लगें।
रैना"गुजर रहा मुफ्लिशि के दौर से,
लोगों को अमीरी के भरम होने लगें।सूफ़ी रैना"

तब से मैने बहर में लिखना छोड़ दिया,
जब से बेबहर लोग खिताबों से नवाजे गये। रैना" 
 
हम बैठे देखते रहते राह तेरी,
तुझको औरों से फुरसत ही नही,
अब महसूस होने लगा मुझे भी,
रैना"से सनम को उल्फ़त ही नही।रैना" 

Tuesday, April 29, 2014

auro se khub nibha lekil

औरों से खूब निभा लेकिन????
मेरे घर आने का प्रोग्राम बना ले कभी। रैना"

मैं तेरी रजा में राजी हूं लेकिन ????
तू फिर भी बात नही करता। रैना"

kya khta hui hai

क्या खता हुई हमसे तू खफ़ा खफ़ा सा रह्ता,
साथ मेरे हरपल फ़िर भी जुदा जुदा सा रहता,
मेरे जीवन की गाड़ी को तू ही तो चला रहा है,
रैना" से भला फिर क्यों तू कटा कटा सा रह्ता। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय मां    
औरों पे नजऱ मगर खुद की खबर नही,
देते हैं नसीहत पर खुद को सबर नहीं,
रैना"बन गए कुछ ऐसे देश के मसीहा,
उन्हें अपनी चिंता देश की फ़िकर नही। रैना"

Monday, April 28, 2014

msra jiwan tsrk

मेरा दिल तेरा ही तलबगार हो जाये,
तू चाहे तो मुझे तुझसे प्यार हो जाये,
तेरे छुपने के अदा अच्छी नहीँ लगतीं,
तू हटा ले चिलमन तेरा दीदार हो जाये। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय मां    

main tumhe aankho

हम तुम्हे आंखों में बसा तो ले लेकिन,
आंखो को इक बाल भी गवारा नहीं है।रैना" 

Sunday, April 27, 2014

chrcha hai ye har dil

कोई गिला नहीं दूर या पास है,
पर तू इक खूबसूरत एहसास है,
तुझसे मिलन असंभव लगता,
रैना"फिर भी मिलन की आस है।रैना"
सुप्रभात जि ---------जय जय मां 

रब ने चाह तो मुलकात होगी,
क्योकि मिलन किस्मत से होता है। रैना" 

Saturday, April 26, 2014

aankh meri brsi

आंख मेरी बरसी बहुत है,
दीदार को तरसी बहुत है।  रैना"

दूसरों पे हंसती बहुत है,
युं जिंदगी सस्ती बहुत है
शाम ढ़ल जाये होश आये,
रैना"करता मस्ती बहुत है। रैना"   

Friday, April 25, 2014

mere ham

मेरे हमसफ़र के अंदाज निराले,
सफर में साथ मगर बात नही करता,
दिशा निर्देश देत रहता है लेकिन,
सामने आ मुलाकात नहीं करता। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय मां  

nasmjhi me gujregi

वो रहता कहीं और है,
मैं ढूंढ रहा बुतखाने मे,
नासमझी में गुजरेगी,
अपनी तो आने जाने में। रैना"
बुतख़ाना -मंदिर  

Thursday, April 24, 2014

unki shab


हमें यकीं है,???????
वो शब भर मजे में सोते होगे, 
अपनी रात तो कटती??????
मच्छरों के लिये ताली बजा कर।रैना" 

aasan nhin tha

यूं आसान नही था उसकी वफ़ा को भूल जाना,
अफ़सोस हालात ही कुछ ऐसे हम बेवफा हो गये।रैना"

kisi ki mang men

किसी का ख्वाब बनने की तमन्ना थी,
अफ़सोस उनका ख्याल भी न बन पाये।रैना

मेरी बदनसीबी चाहत का फूल खिलता ही नही,
जिसको हम मिलना चाहते वो मिलता ही नही। रैना"

मैं शायर कलम से मोहब्बत है मुझे,
कोई तीसरा हमारे बीच आये तो कैसे।रैना"

Wednesday, April 23, 2014

din me kuchh yad rha n

दिन में कुछ याद रहा न,
गैरों से मुलाकात हुई,
याद सनम की तब आई,
जब गुप काली रात हुई। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय मां   

Tuesday, April 22, 2014

gila tujhse karu to akise

गिला करू तो कैसे तुझसे कोई रिश्ता न रहा,
शिकवा शिकायत तो अपनों से ही होती है। रैना"

इस अदा को क्या कहे,
मुस्करा मुस्करा कर दिल पे वार करते हो। रैना"
मेरा अपना हर इन्सान,
क्योकि इंसान में भगवान,
इसमें कोई भी शक नही,
सूफी की होती ये पहचान। रैना"

दुसरो को ????
माया से दूर रहने की?????
नसीहत देने वाले,
खुद पैसे पैसे पे मरते हैं,
वैसे दिखाने को भजन करते है। रैना"  

Monday, April 21, 2014

mitti ko thhokr

मिट्टी को ठोकर मारने से पहले,
सोच ले ?????????
तेरा वजूद भी मिट्टी है। रैना"
सुप्रभात ---------जय जय मां   

इक दिन होगे मजबूर बहुत,
सनम ले जाये गे दूर बहुत,
वहां सनम दूरी बना लगे,
क्योकि हम हैं मगरूर बहुत। रैना"  

Sunday, April 20, 2014

बात बनती नही दुनियादारी से,
सनम से नैन मिले तो बात बन जाये,



तू दिल में छुपा बैठा,
मैं ढूंढ रहा तुझे द्वारे द्वारे। रैना"

मेहरबानी???
तूने कपड़े तो पहनाये अच्छे,
अफ़सोस जेब नही लगाई कोई।रैना"   
  

chain se so rhe

दूर के मुसाफिर ?????
चैन से सो रहे है,
मस्त हो रहे है,
अरे कुछ समान तो इकठ्ठा कर लें।
सुप्रभात जी  ………जय जय मां  

dil ke ghar

दिल के घर भीड़ लगी है,
अफ़सोस ???????
एक कोना खाली रह गया। रैना"

दोस्तों आप की नजर
प्यारी रचना
ये आज का दौर,
यूं इश्क का शौर।
आंख लगी कही,
है दिल कही और।
मत करना यकीन,
हर दिल में है चोर।
अमीर की है चांदी,
पिटता है कमजोर।
तू"रैना"को बचा ले,
सनम तेरे हाथ डोर।  रैना" 


par to hai lekin mai

 पर तो हैं लेकिन मैं जमीं पे चलता हूं,
क्योकि आखिर जमीं ही मेरा ठिकाना है। रैना" 

कामयाबी का स्वाद जरूर चखना है लेकिन,
जिंदगी को हादसों से बचा के रखना है। रैना"

लोग पढ़ने लगे मुझे मेरे पास बैठ कर,
क्योकि अब मैं इक किताब हो गया हूं। रैना"

कलम से हो गई दोस्ती अब रात भर नींद नही आती।  रैना"

जंगल का शेर उत्पात मचाता है लेकिन,
कलम का शेर दिल में उतर जाता है,
दबे हुए दर्दों को जगाता खूब रुलाता है। रैना"

Saturday, April 19, 2014

tere didar ki hasrat

तेरे दीदार की हसरत बाकी है,
मैं रिन्द दीवाना तू साकी है,
इक बार झलक दिखा साकी,
तेरे हाथों से हमें पिला साकी।
सुप्रभात जी --------जय जय मा

इंसान से गलती होती है,
कोई बात नही ?????
सुधरने का प्रयास किया जाये। रैना"

kya hamne kbhi socha hai

क्या हमने कभी सोचा है ??????
वक्त कितना तेज चल रहा है,
जीवन रूपी सूरज ढल रहा है,
ऊँचा ग्लेशियर पिगल रहा है,
कारवां पास से निकल रहा है।
हम मस्ती में बसी बजा रहे है।
खुद को समझदार बता रहे है।   रैना"
  

log kahte hm bdle

दोस्त कहते हम बदले है,
हम कहते हम तो संभले है,
रैना"गम की अग्नि में तप कर,
हम तो कुन्दन बन चमके है। रैना"    

हम फूलों से शिकवा नही करते,
चुबे कांटे भी सम्भाल के रखे है।रैना" 

दिल के महल में यादों की नुमाइश लगा रखी है। रैना"

सनम से बिछुड़ने का गम नही,
अफ़सोस ?????
मैंने वाद कर सनम को याद नही किया।रैना"

Thursday, April 17, 2014

bas gai hai uski surt

बस गई उसकी सूरत आँखों में,
हर शै में उसका दीदार होता है,
यही तो इबादत होती है "रैना"
इसी का नाम इश्क प्यार होता है। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय मां 

पास हो कर भी तू दूर होता है,
पर हर बज्म में तेरा ज़िक्र जरूर होता। रैना"

सीता तलाशती है राम को,
राधा तलाश रही श्याम को,
इंसान वादा करके भूल गया,
बेवफा अब तलाशे आराम को। रैना"


दोस्तों की नज़र

हर तरफ भीड़ लगे मेले हैं,
इंसां तन्हा फिर भी अकेले हैं।
सब माया के माला जपते हैं,
जैसे बाबा जी वैसे ही चेले है।
गधे ताज पहन मसीहा बने,
अरबी घोड़े खिंच रहे ठेले हैं।
वो अनपढ़ भी है पढ़ा लिखा,
जिसकी जेब में पैसे धेले हैं।  
जीवन का सफर आसान नही,
रैना"उलझन बड़े झमेले हैं। रैना"

इश्क है या कोई और????????????????
मेरे शहर के अधिकतर लोग दिल के रोग से पीड़ित हैं।रैना" 


जब जुल्फों को चेहरे से हटाया,
ऐसा लगा चांद निकल आया।
देख कर महकता खिला मुखड़ा,
लाल गुल भी सहमा शरमाया। रैना" 

तू हसीन खूबसूरत ये तारीफ तेरी नही उसकी है,
क्योकि ?????????????????
हाड मास का पुतला बनाने का हुनर कोई और नही जानता।रैना"  

Wednesday, April 16, 2014

खत्म हो जिंदगी इस अंजाम के साथ,
मेरा नाम जुड़ जाये तेरे नाम के साथ।रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय मां

श्याम से ऐसे मिलन होगा,
मिलन होगा मिलन होगा,
जब मन से भजन होगा। रैना" 

ਤੇਲ ਚਾਉ ਤੇ 

khtm ho jindgi

खत्म हो जिंदगी इस अंजाम के साथ,
मेरा नाम जुड़ जाये तेरे नाम के साथ। रैना"
सुप्रभात जी  --------------जय जय मां 

sumar dekhiye

दोस्तों कई रंग लेती रचना आप की महफ़िल में

आज के इन्सान का किरदार देखिये,
मतलब हुआ फितरत में शुमार देखिये।
बेटे का कर्म मां नौकरानी बाप चौकीदार,
क्या खूब फर्ज निभाते बरखुरदार देखिये।
कहने को ही हसीन चेहरे हैं चमकते,
यूं हर कोई दुःखी दिल का बीमार देखिये।
गर वफ़ा के बारे में कोई दलील दी जाये,
तो कुत्ता है इन्सान से होशियार देखिये।
चाय बेचने वाले को भीअजमा लिया जाये,
देश में बन जाये मोदी की सरकार देखिये।
रैना"सीमा पर चीन पाकिस्तान तंग कर रहा,
देश वासी चाहते इस बार हो आर पार देखिये। रैना"

उनका रूठ जाना
बना मौत का बहाना,
वो महफ़िल में बैठे जश्न मना रहे है,
हम चार कंधों पे सवार हो के जा रहे है। रैना"

बंजर जमीन पर टपक रहे गर्म पानी के कतरे,
इस हाल में गुलशन आबाद करने की सोचे कैसे। रैना"

मस्त हो गए मतदाता वोट डाल कर,
बुरा हाल उनका जिनकी किस्मत मशीन में बंद है।

ऐसे ही न कोई बात चलती है,
धुआ उठता जब आग जलती है,
जवानी में इंसान गल्ती करता,
पछताता बहुत जब उम्र ढलती है। रैना"

उन नासमझों को भला क्या कहेगे,
जो जान छिड़क देते तस्वीर देख कर। रैना"

वैसे मुझे तो जानता नही कोई,
सारे शहर में चर्चे हैं तेरे नाम के।रैना"



Tuesday, April 15, 2014

मुझे दिल से तो कभी जुदा नही करता पर,
दोस्त मेरा हक़ दोस्ती का अदा नही करता,
साथ रहता है मेरे मुझे महसूस होता मगर,
रु-ब-रू हो कर हाल मेरा पता नही करता। रैना"
सुप्रभात  ------------जय जय मां 
 ਮੁਝੇ ਦਿਲ ਸੇ ਤੋ ਕਭੀ ਜੁਦਾ ਨਹੀ ਕਰਤਾ ਪਰ 
ਦੋਸਤ ਮੇਰਾ ਹਕ ਦੋਸਤੀ ਕਾ ਅਦਾ ਨਹੀ ਕਰਤਾ, 
ਸਾਥ ਰਹਤਾ ਹੈ ਮੇਰੇ ਮੁਝੇ ਮਹਸੂਸ ਹੋਤਾ ਮਗਰ,
ਰੁ-ਬ-ਰੂ ਹੋ ਕਰ ਹਾਲ ਮੇਰਾ ਪਤਾ ਨਹੀ ਕਰਤਾ। ਰੈਣਾ "   

vo ruthhe hai

वो रूठे हैं बिन बात हमसे,
समझ नही आती मनाये कैसे। रैना"

बदनसीब हम इतने?????,
जहां खड़े होते,????
वो जमीन बंजर हो जाती। रैना"

नासमझ हैं मेरे शहर के लोग इतने,
गिरे शजर से छाँव की चाह रखते। रैना"

हड्डियों में ही जान नही है,
वैसे ताकत के कैप्सूल तो खूब मिलते हैं। रैना"

Monday, April 14, 2014

बजरंग बली बजरंग बली,
करना भली तू करना भली,
डगमग डोले खाए हिचकोले,
मोरी नाव चली,मोरी नाव चली।
बजरंग बली बजरंग ----------रैना "
जय बजरंगी --------जय बजरगी    

जब कोई संभल जाता है,
वो अक्सर बदल जाता है,
और जो बदलता नही है, 
वो नया इतिहास बनाता है। रैना"

tere ghar ka rasta btade

सामने आ इक बार,
करने है तेरे दीदार,
कब तलक भटकायेगा,
जीवन के दिन चार।
सामने आ इक -----
कहते हैं तू चंदा के जैसा,
मैं भी देखू तेरा मुखड़ा कैसा,
मनवा मेरा बेकरार।
सामने आ इक ---रैना"
सुप्रभात जी  …जय जय मां  

जब कोई सम्भल जाता है,
वो अक्सर बदल जाता है,
और जो बदलता नही,
वो नया इतिहास बनता है। रैना"  
मोदी तुम्हारी जीत तो होगी ?????
मगर याद रखना भारत का हर युवा????
तुझ में अपना कल देख रहा है। 
दर्द दिल में जगाया नही करते,
जिन्दगी को सताया नही करते,
छोड़ दे देखना ख्वाब जो रैना"
ख्वाब में
मुझसे अक्सर पूछता कोई,
मेरा जिक्र क्यों नही करता,
मैं हरपल सोचता तेरे लिए,
तू मेरी फ़िक्र क्यों नही करता।"रैना"

टूट गया मेरे दिल का घर,
बस मलबा हटाना बाकी है,
ऐसा न कोई सामां बचा है ,
लगे दाग मिटाना बाकी है।"raina"
tut gya mere dil ka ghar,
bas malba htana baki hai,
aesa n koi saman bcha hai,
lge daag mitana baki hai."raina" 

मिलन जब दिल की तारों का उन तारों से होता है,
तारुफ़ इन्सान का तब ही मस्त बहारों से होता है, 
दुल्हन कितनी रोई तड़फ़ी कोई और क्या जाने,
हीर कितनी बेबस थी पता ये कहारों को होता है। रैना" 

जिसको अपनाया सपना सिलौना समझ कर,
वो तोड़ गया दिल मेरा खिलौना समझ कर। रैना"

Sunday, April 13, 2014

gar tu likhta

दोस्तों बड़े दिनों के  बाद दिल की बात
लिख रहा हूं आप की तव्वजो चाहुगा

 चैन से जी लेते हम भी तेरे शहर में,
गर तू लिखता गजले जिंदगी बहर में।
मरने की कई बार जुर्रत की लेकिन,
अफ़सोस मिलावट होती है जहर में।
जिसको कह दे हाल ए दिल अपना,
ऐसा हमराज न कोई मेरी नजर में।
सफरे जिंदगी में हमसफर कम मिले,
मिल जाते बहुत राहगीर इस सफर में।
उफनती नदियां भी रहने लगी प्यासी,
देखो तबदील कर दी नदियां नहर में।
शाम ढलने वाली तोशा की कर फ़िक्र,
रैना"आने वाला बुलावा घड़ी पहर में। रैना"
       

Saturday, April 12, 2014

maa ke siwa

मां के सिवा दर्द बच्चोँ का कोई क्या जाने,
मां ही लगाये मरहम करे उपचार मन से।
"रैना"जमाने का क्या है हंस के टाल देता।
सुप्रभात जी  ------------------जय जय मां 

जिंदगी जब हो जाये निराश,
तब करना नही कुछ खास,
चले जाओ मां की शरण में। "रैना" 

Friday, April 11, 2014

jindgi ka

जिंदगी का सफर आसान हो जाता,
गर उसको साथ लगा लिया जाये। रैना"
सुप्रभात जी  …………जय जय माँ

सड़के बनी लेकिन गढ्ढों में तब्दील हैं,
जीवन की कार सम्भल के चलाना। रैना"

तुम कहते तो हम अंदाज बदल लेते,
काज बदल लेते मिजाज बदल लेते,
अफ़सोस बिन बताये तुम बदल गये, "रैना"

dosto ne iyni

दोस्तों ने इतनी तारीफ कर दी मेरी,
मिट्टी को खुद पे गुमान होने लगा। रैना"

देख कर उसके हसीं जलवे मैं सोचता हूँ
मेरा सनम तो इन से भी खूबसूरत होगा। रैना"

भटके हम बहुत जहां जिसने बताया,
मगर वो कही भी नजर नही आया। रैना"

निसंदेह तेरे अपने कायदे कानून हैं लेकिन,
हम बिगड़े तो तुझे चिलमन से बाहर आना पड़ेगा। रैना"

यादों के सूल "रैना"चुबते हैं रात भर,
मखमली गद्दों पर भी नींद नही आती।रैना"
yadon ke sool"raina" rat bhar chubte hai,
makhmli gddo par bhi nind nhi aati."raina"
फ़िलहाल रास्ते अलग हैं लेकिन,
वहां तो मुलाकात हो ही जाएगी। रैना"


filhal raste alag hai lekin,
wha to mulakat ho hi jayegi."raina"

अब दिल लगाने की खता करे भी तो कैसे,
"रैना"दिल का घर तो कब का टूटा पड़ा है। "रैना"

इस अदा को हम भला क्या नाम दे,
वो अलविदा कहते नाराजगी के साथ। रैना"

अब तो कद्र नही मेरी मेरे दोस्तों को,
मेरे बाद ढूंढे गे मेरा नाम किताबों में। रैना"
खूब हसीन आप के अंदाज ऐसे,
चाँद धरती पे आकर बदले रूप जैसे। रैना"

Thursday, April 10, 2014

meri manjil bhi tu

मेरी मंजिल डगर भी तू है,
मेरा भरोसा सबर भी तू है,
हरपल तू साथ मेरे हमदम,
मेरा सनम रहबर भी तू है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय मां

जीवन भर बनी रहती आशा,
आशा नही तो रहती निराशा,
निराशा भरा व्यर्थ है जीवन,
छोड़ दे निराशा संग ले आशा। रैना"

दिल टूट जाये तो घबराना नही,
आजकल फेवीक्विक से सब जुड़ जाता है। रैना" 

sul unko chubte hai

सूल उनको चुबते हैं,
जो ज्यादा उड़ते हैं,
जो धरती पे चलते हैं,
वो सम्भल के रहते है। रैना" 

लड़ना तो चाहते है हम,
अफ़सोस ये अपाहिजों की बस्ती है।  रैना"

जो दिल का दर्द छुपा के रखता है,
बेशक वो कुछ तो बचा के रखता है,
वैसे अब लोगों की ये फितरत हो गई,
बिखर जाते कांच की किरचों के जैसे। रैना"

उत्साह कुछ खास नही,
मन्जिल की आस नही,
फिर भी चलते जा रहे है,
रैना"हम मुसाफिर दूर के।"रैना" 

Wednesday, April 9, 2014

pas baithh kar

पास बैठ कर बतियाने में बड़ा मजा आता है,
मां बाप के झगड़े निपटाने में बड़ा मजा आता है।
बूढ़े झगड़ा क्या करेगे सिर्फ शिकवा शिकायत,
एक दूसरे से रूठों को मनाने में बड़ा मजा आता है।
मैं उनका बेटा नही जैसे हैडमास्टर हो गया हूं,
मां बाप की सुन ठहके लगाने में बड़ा मजा आता है।
दो इधर की दो उधर कि बता जब उन्हें मना लेता हूं,
फिर मां बाप के साथ खाना खाने में बड़ा मजा आता है। रैना"   

kas lo

दिन मस्ती में बिताया,
सनम याद नही आया,
गैरों से बात मुलाकात हुई,
तब रोये पछताये,
सजन को बुलाये,
शाम ढली जब रात हुई।रैना"
 

Tuesday, April 8, 2014

dlti sham ka fikar

ढलती शाम का फ़िक्र होने लगा,
दिन भर खूब लूटी मौज हमने। "रैना"

दोस्तों की बात तब करू जब वो दुश्मनों से बेहतर हो। रैना"


वैसे देश को हर कोई है रगड़ा लगाने वाला,
एक नरेन्द्र मोदी ही है देश को बचाने वाला।
इसलिए मत शर्माओ,देश बचाओ आगे आओ,
जोर से नारा लगाओ मोदी लाओ देश बचाओ,
कमल पे बटन दबाओ एक बार फिर आजमाओ।
क्योकि पिछले 65 वर्षों  से आजमा ही रहे है।
शायद कल्याण हो ही जाये। " रैना"
    

mai tujhe bewfa kah nh

मैं तुझे बेवफा कह नही सकता,
जो हुआ सब उसी की रजा जानो,
बेवफा मैं तुझे गर कहूं "रैना"
फ़क़त तोहीन मेरे सनम की है। "रैना"

मैं ठहरा पानी सा हूं,
ये कड़कती धूप मिटा देगी अस्तित्व मेरा। रैना" 
तू मेरा हमदम लख्ते जिगर है,
फिर भी न तुझे मेरा फिकर है। 
हम बैठे तेरी राहों में इंतजार करे, 
रैना"तू भटक रहा कहां किधर है। रैना"

tu mera hamdam lkhte jigar hai,
fir bhi na tujhe mera fikar hai,
hm baithhe teri raho men intjar kre,
raina"tu bhatk raha kahan kidhar hai .raina"









jiskomaine


गुल की फूटी ऐसी किस्मत,
खिलने से पहले मुरझाया,
ये लिख छोड़ा उसने पहले,
किसके हिस्से में क्या आया।रैना"

याद आई मां की नसीहत,
गांव की मिट्टी को मत भूल जाना।
तू अपने हाथ से बना लेना रोटी,
चाऊमीन बर्गर बाजारी मत खाना।
मां की बातों को मैंने लिया हल्के,
जारी रखा बाजारी खाकर मन बहलाना।
अब घेर लिया बीमारी ने मुझको,
मुश्किल हो गया पानी को भी पचाना।
अब याद आती बार बार मां की नसीहत,
चाऊमीन बर्गर बाजारी मत खाना।रैना

Sunday, April 6, 2014

har koi apna baink

हर कोई अपना बैंक बैलंस बढ़ाने वाला,
भारत देश पर कोई न तरस खाने वाला।
भारतवासी अजमा रहे पिछले 65 वर्षो से,
देश भक्त तलाशो ये चुनाव जो आने वाला।
सुन कर बहुत खुश है कागज की चिड़िया,
पैसा स्विस बैंक से है वापिस आने वाला।
वैसे नेता के दावे वादे अक्सर हवा हो जाते,
क्या कोई पैदा होगा वादे दावे निभाने वाला।
"रैना"कोई कुछ भी कहे चाहे कुछ भी कर ले,
सिर्फ मतदाता ही भारत का भाग्य जगाने वाला।रैना"         

Saturday, April 5, 2014

punjabi kalam

punjabi sufi kalam
mai wada krke vi tere nal pyar n kitta,
aappe vich uljh gai tera didar n kitta.
lai jan ge jdo khede hir buk buk rovegi,
rajhe mahi te raina" mai aetbar n kitta. "raina"

ab kh rha

रैना का छक्का   हास्य वयंग्य
अब कह रहा है बच्चा बच्चा,
कांग्रेस-भाजपा मिलकर सरकार बना ले तो अच्छा।
इस में कोई तर्क न वितर्क है,
दोनों पार्टियों की नीयत नीति में बिलकुल न फर्क है।
कुछ इस पर भी करना गौर है,
वैसे भी आजकल गठबंधन का दौर है।
बेशक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री का पद खूब सम्भाल पायेगे,
राहुल गांधी भी राष्ट्रपति का कर्त्तव्य खूब निभायेगे।
यदि झाड़ू वाला केजरीवाल ज्यादा शोर मचाये,
तो उसको सुचना प्रचार प्रसार मंत्री बना दिया जाये।
ऐसा करने से देश की जनता चुनावी खर्चे से बच जायेगी,
फिर मंहगाई न बढ़ेगी जनता चैन से दो वक्त की रोटी खायेगी। रैना" 

kalratri maa

कालरात्रि मां अब तेरी किरपा की दरकार है,
राक्षसों के रुतबे बुलंद मां दुखी सारा संसार है।
कालरात्रि मां ------------------
दीन धर्म तो दिखाने को मन में दया प्यार नही,
मतलब हो तो संग संग डोले वैसे कोई यार नही,
भाई का भाई है दुश्मन मची हा हाकार है।
कालरात्रि मां ---------------------रैना
सुप्रभात जी -------जय जय मां         

Friday, April 4, 2014

maa bap ki mehar

मां की मेहरबानी जो रोशन जहाँ देखा,
वरना अन्धकार में भटक रहे होते। रैना"

कलम घिस के ??
मन का गुबार ही???
न निकाला जाये,
पढ़ने वाले के हिस्से????
कुछ तो डाला जाये। रैना"