क्या खता हुई हमसे तू खफ़ा खफ़ा सा रह्ता,
साथ मेरे हरपल फ़िर भी जुदा जुदा सा रहता,
मेरे जीवन की गाड़ी को तू ही तो चला रहा है,
रैना" से भला फिर क्यों तू कटा कटा सा रह्ता। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय मां
साथ मेरे हरपल फ़िर भी जुदा जुदा सा रहता,
मेरे जीवन की गाड़ी को तू ही तो चला रहा है,
रैना" से भला फिर क्यों तू कटा कटा सा रह्ता। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय मां
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