बस गई उसकी सूरत आँखों में,
हर शै में उसका दीदार होता है,
यही तो इबादत होती है "रैना"
इसी का नाम इश्क प्यार होता है। रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय मां
पास हो कर भी तू दूर होता है,
पर हर बज्म में तेरा ज़िक्र जरूर होता। रैना"
सीता तलाशती है राम को,
राधा तलाश रही श्याम को,
इंसान वादा करके भूल गया,
बेवफा अब तलाशे आराम को। रैना"
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