किसी का ख्वाब बनने की तमन्ना थी,
अफ़सोस उनका ख्याल भी न बन पाये।रैना
मेरी बदनसीबी चाहत का फूल खिलता ही नही,
जिसको हम मिलना चाहते वो मिलता ही नही। रैना"
मैं शायर कलम से मोहब्बत है मुझे,
कोई तीसरा हमारे बीच आये तो कैसे।रैना"
अफ़सोस उनका ख्याल भी न बन पाये।रैना
मेरी बदनसीबी चाहत का फूल खिलता ही नही,
जिसको हम मिलना चाहते वो मिलता ही नही। रैना"
मैं शायर कलम से मोहब्बत है मुझे,
कोई तीसरा हमारे बीच आये तो कैसे।रैना"
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