आंख मेरी बरसी बहुत है,
दीदार को तरसी बहुत है। रैना"
दूसरों पे हंसती बहुत है,
युं जिंदगी सस्ती बहुत है
शाम ढ़ल जाये होश आये,
रैना"करता मस्ती बहुत है। रैना"
दीदार को तरसी बहुत है। रैना"
दूसरों पे हंसती बहुत है,
युं जिंदगी सस्ती बहुत है
शाम ढ़ल जाये होश आये,
रैना"करता मस्ती बहुत है। रैना"
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