दोस्तों बड़े दिनों के बाद दिल की बात
लिख रहा हूं आप की तव्वजो चाहुगा
चैन से जी लेते हम भी तेरे शहर में,
गर तू लिखता गजले जिंदगी बहर में।
मरने की कई बार जुर्रत की लेकिन,
अफ़सोस मिलावट होती है जहर में।
जिसको कह दे हाल ए दिल अपना,
ऐसा हमराज न कोई मेरी नजर में।
सफरे जिंदगी में हमसफर कम मिले,
मिल जाते बहुत राहगीर इस सफर में।
उफनती नदियां भी रहने लगी प्यासी,
देखो तबदील कर दी नदियां नहर में।
शाम ढलने वाली तोशा की कर फ़िक्र,
रैना"आने वाला बुलावा घड़ी पहर में। रैना"
लिख रहा हूं आप की तव्वजो चाहुगा
चैन से जी लेते हम भी तेरे शहर में,
गर तू लिखता गजले जिंदगी बहर में।
मरने की कई बार जुर्रत की लेकिन,
अफ़सोस मिलावट होती है जहर में।
जिसको कह दे हाल ए दिल अपना,
ऐसा हमराज न कोई मेरी नजर में।
सफरे जिंदगी में हमसफर कम मिले,
मिल जाते बहुत राहगीर इस सफर में।
उफनती नदियां भी रहने लगी प्यासी,
देखो तबदील कर दी नदियां नहर में।
शाम ढलने वाली तोशा की कर फ़िक्र,
रैना"आने वाला बुलावा घड़ी पहर में। रैना"
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