दिल के घर भीड़ लगी है,
अफ़सोस ???????
एक कोना खाली रह गया। रैना"
दोस्तों आप की नजर
प्यारी रचना
ये आज का दौर,
यूं इश्क का शौर।
आंख लगी कही,
है दिल कही और।
मत करना यकीन,
हर दिल में है चोर।
अमीर की है चांदी,
पिटता है कमजोर।
तू"रैना"को बचा ले,
सनम तेरे हाथ डोर। रैना"
अफ़सोस ???????
एक कोना खाली रह गया। रैना"
दोस्तों आप की नजर
प्यारी रचना
ये आज का दौर,
यूं इश्क का शौर।
आंख लगी कही,
है दिल कही और।
मत करना यकीन,
हर दिल में है चोर।
अमीर की है चांदी,
पिटता है कमजोर।
तू"रैना"को बचा ले,
सनम तेरे हाथ डोर। रैना"
No comments:
Post a Comment