हर कोई अपना बैंक बैलंस बढ़ाने वाला,
भारत देश पर कोई न तरस खाने वाला।
भारतवासी अजमा रहे पिछले 65 वर्षो से,
देश भक्त तलाशो ये चुनाव जो आने वाला।
सुन कर बहुत खुश है कागज की चिड़िया,
पैसा स्विस बैंक से है वापिस आने वाला।
वैसे नेता के दावे वादे अक्सर हवा हो जाते,
क्या कोई पैदा होगा वादे दावे निभाने वाला।
"रैना"कोई कुछ भी कहे चाहे कुछ भी कर ले,
सिर्फ मतदाता ही भारत का भाग्य जगाने वाला।रैना"
भारत देश पर कोई न तरस खाने वाला।
भारतवासी अजमा रहे पिछले 65 वर्षो से,
देश भक्त तलाशो ये चुनाव जो आने वाला।
सुन कर बहुत खुश है कागज की चिड़िया,
पैसा स्विस बैंक से है वापिस आने वाला।
वैसे नेता के दावे वादे अक्सर हवा हो जाते,
क्या कोई पैदा होगा वादे दावे निभाने वाला।
"रैना"कोई कुछ भी कहे चाहे कुछ भी कर ले,
सिर्फ मतदाता ही भारत का भाग्य जगाने वाला।रैना"
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