मां के सिवा दर्द बच्चोँ का कोई क्या जाने,
मां ही लगाये मरहम करे उपचार मन से।
"रैना"जमाने का क्या है हंस के टाल देता।
सुप्रभात जी ------------------जय जय मां
जिंदगी जब हो जाये निराश,
तब करना नही कुछ खास,
चले जाओ मां की शरण में। "रैना"
मां ही लगाये मरहम करे उपचार मन से।
"रैना"जमाने का क्या है हंस के टाल देता।
सुप्रभात जी ------------------जय जय मां
जिंदगी जब हो जाये निराश,
तब करना नही कुछ खास,
चले जाओ मां की शरण में। "रैना"
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