Saturday, April 12, 2014

maa ke siwa

मां के सिवा दर्द बच्चोँ का कोई क्या जाने,
मां ही लगाये मरहम करे उपचार मन से।
"रैना"जमाने का क्या है हंस के टाल देता।
सुप्रभात जी  ------------------जय जय मां 

जिंदगी जब हो जाये निराश,
तब करना नही कुछ खास,
चले जाओ मां की शरण में। "रैना" 

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