तेरे दीदार की हसरत बाकी है,
मैं रिन्द दीवाना तू साकी है,
इक बार झलक दिखा साकी,
तेरे हाथों से हमें पिला साकी।
सुप्रभात जी --------जय जय मा
इंसान से गलती होती है,
कोई बात नही ?????
सुधरने का प्रयास किया जाये। रैना"
मैं रिन्द दीवाना तू साकी है,
इक बार झलक दिखा साकी,
तेरे हाथों से हमें पिला साकी।
सुप्रभात जी --------जय जय मा
इंसान से गलती होती है,
कोई बात नही ?????
सुधरने का प्रयास किया जाये। रैना"
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