पर तो हैं लेकिन मैं जमीं पे चलता हूं,
क्योकि आखिर जमीं ही मेरा ठिकाना है। रैना"
कामयाबी का स्वाद जरूर चखना है लेकिन,
जिंदगी को हादसों से बचा के रखना है। रैना"
लोग पढ़ने लगे मुझे मेरे पास बैठ कर,
क्योकि अब मैं इक किताब हो गया हूं। रैना"
कलम से हो गई दोस्ती अब रात भर नींद नही आती। रैना"
जंगल का शेर उत्पात मचाता है लेकिन,
कलम का शेर दिल में उतर जाता है,
दबे हुए दर्दों को जगाता खूब रुलाता है। रैना"
क्योकि आखिर जमीं ही मेरा ठिकाना है। रैना"
कामयाबी का स्वाद जरूर चखना है लेकिन,
जिंदगी को हादसों से बचा के रखना है। रैना"
लोग पढ़ने लगे मुझे मेरे पास बैठ कर,
क्योकि अब मैं इक किताब हो गया हूं। रैना"
कलम से हो गई दोस्ती अब रात भर नींद नही आती। रैना"
जंगल का शेर उत्पात मचाता है लेकिन,
कलम का शेर दिल में उतर जाता है,
दबे हुए दर्दों को जगाता खूब रुलाता है। रैना"
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