Monday, April 14, 2014

दर्द दिल में जगाया नही करते,
जिन्दगी को सताया नही करते,
छोड़ दे देखना ख्वाब जो रैना"
ख्वाब में
मुझसे अक्सर पूछता कोई,
मेरा जिक्र क्यों नही करता,
मैं हरपल सोचता तेरे लिए,
तू मेरी फ़िक्र क्यों नही करता।"रैना"

टूट गया मेरे दिल का घर,
बस मलबा हटाना बाकी है,
ऐसा न कोई सामां बचा है ,
लगे दाग मिटाना बाकी है।"raina"
tut gya mere dil ka ghar,
bas malba htana baki hai,
aesa n koi saman bcha hai,
lge daag mitana baki hai."raina" 

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