सामने आ इक बार,
करने है तेरे दीदार,
कब तलक भटकायेगा,
जीवन के दिन चार।
सामने आ इक -----
कहते हैं तू चंदा के जैसा,
मैं भी देखू तेरा मुखड़ा कैसा,
मनवा मेरा बेकरार।
सामने आ इक ---रैना"
सुप्रभात जी …जय जय मां
जब कोई सम्भल जाता है,
वो अक्सर बदल जाता है,
और जो बदलता नही,
वो नया इतिहास बनता है। रैना"
करने है तेरे दीदार,
कब तलक भटकायेगा,
जीवन के दिन चार।
सामने आ इक -----
कहते हैं तू चंदा के जैसा,
मैं भी देखू तेरा मुखड़ा कैसा,
मनवा मेरा बेकरार।
सामने आ इक ---रैना"
सुप्रभात जी …जय जय मां
जब कोई सम्भल जाता है,
वो अक्सर बदल जाता है,
और जो बदलता नही,
वो नया इतिहास बनता है। रैना"
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