Thursday, February 25, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हमें दरकार है माता तेरा अब प्यार मिल जाये,
कमी फिर हो नही कोई कली जो मन की खिल जाये,
दिया है वक़्त ने धोखा सदा रोते रहे हम तो,
करे तू कर्म माता जख़्म फिर तो मन का सिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

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