देश में जो चल रहा है,
देख कर दिल जल रहा है।
राजनेताओं की गलती
जो हरामी पल रहा है।
रोज होता है खुलासा,
देश अब सम्भल रहा है।
अब नेता का रूप बदली,
आम जन को खल रहा है।
बेवफ़ा की मौज रहती,
हाथ सच्चा मल रहा है।
लौट कर होगा सवेरा,
गुप अंधेरा ढल रहा है।
शोर करना बन्द कर दो,
देश आगे चल रहा है। रैना"
देख कर दिल जल रहा है।
राजनेताओं की गलती
जो हरामी पल रहा है।
रोज होता है खुलासा,
देश अब सम्भल रहा है।
अब नेता का रूप बदली,
आम जन को खल रहा है।
बेवफ़ा की मौज रहती,
हाथ सच्चा मल रहा है।
लौट कर होगा सवेरा,
गुप अंधेरा ढल रहा है।
शोर करना बन्द कर दो,
देश आगे चल रहा है। रैना"
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