rajindersharmaraina
Monday, February 22, 2016
माँ वैष्णो की जय जयकार
गर खिल खिल हंसता कोई रोता है,
शब भर जागे तो कोई सोता है,
मत सोचो ये कैसे होता सम्भव,
माँ की मरजी से सबकुछ होता है।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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