नही तुझको फ़िकर मेरा यही गम दिल जलाता है,
रहे हरपल तलब तेरी नज़र तू क्यों न आता है,
मुझे एहसास होता है न जाये दूर तू मुझसे,
बता क्यों इस कदर मुझको दुखी करता सताता है। रैना"
रहे हरपल तलब तेरी नज़र तू क्यों न आता है,
मुझे एहसास होता है न जाये दूर तू मुझसे,
बता क्यों इस कदर मुझको दुखी करता सताता है। रैना"
No comments:
Post a Comment