Saturday, February 13, 2016

एक बाबू जी शहर से गांव में आये,
वो खेतों में गए उन्होंने देखा गेंहू के काफी दानें बिखरे पड़े थे।
शहरी बाबू किसान से कहने लगे तुम्हारे खेत में काफी अनाज बिखरा पड़ा है।
 सहज भाव से किसान ने आगे से जवाब दिया।

क्या हुआ जो चार दानें खेत में हैं गिर गये,
पंछी भी तो भटकते हैं पेट भरने के लिये।

किसान सिर्फ इंसान का ही पेट नही भरता,
सैंकड़ों जीव जंतुओं को भी पाल रहा है।

किसान की बात सुन बाबू बगलें झांकने लगे।  रैना"

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