दोस्तों आप के मनपसंद ग़ज़ल
बात जब तेरी चले तो याद आती है सनम,
बेख़बर तू दर्द उठता जान जाती है सनम।
रूठ कर चलते बने मजबूर हमको छोड़ कर,
देख दुनिया हाल मेरा मुस्कराती है सनम।
टूट कर बिखरे सितारें कौन कर देगा भला,
रागनी मायूस गम के गीत गाती है सनम।
पास रह कर दूर रहते ये अदा कैसी तेरी,
दिल बड़ा गुस्ताख़ पर रुह सताती है सनम।
कौन रैना"से कहेगा छोड़ दे दिन की तलब,
इश्क की ये आग सबका दिल जलाती है सनम। रैना"
बात जब तेरी चले तो याद आती है सनम,
बेख़बर तू दर्द उठता जान जाती है सनम।
रूठ कर चलते बने मजबूर हमको छोड़ कर,
देख दुनिया हाल मेरा मुस्कराती है सनम।
टूट कर बिखरे सितारें कौन कर देगा भला,
रागनी मायूस गम के गीत गाती है सनम।
पास रह कर दूर रहते ये अदा कैसी तेरी,
दिल बड़ा गुस्ताख़ पर रुह सताती है सनम।
कौन रैना"से कहेगा छोड़ दे दिन की तलब,
इश्क की ये आग सबका दिल जलाती है सनम। रैना"
No comments:
Post a Comment