rajindersharmaraina
Saturday, February 27, 2016
वैष्णो माँ की जय
मिले दुःख दर्द मेरी माँ ख़ुशी को भेज घर मेरे,
नही हम गैर तुम जानो परेशां भक्त्त हम तेरे,
करो आबाद गुलशन माँ मिटे सब दुःख परेशानी,
चढ़े जब नाम की मस्ती नही फिर दुःख कभी घेरे। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ
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