Tuesday, May 31, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हम पे बरस रही है माँ मुहब्बत तेरी,
हम भूल नहीं सकते माँ इनायत तेरी,
यही हसरत तमन्ना अरमान बाकी है,
रूबरू आ जा माँ देखनी है सूरत तेरी।रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ   

Monday, May 30, 2016

वैष्णो माँ  की जय
वैष्णो महारानी करो उपकार,
अटकी किश्ती बीच मझदार,
हमको मइया तेरा ही सहारा,
कर दो माँ भवसागर से पार। रैना"
सुप्रभात -जी ---जय जय माँ 
हादसा सा इक होने के बाद,
हम बहुत रोये तुझे खोने के बाद। 

Sunday, May 29, 2016

हम तो कुछ ऐसे इबादत किया करते है,
उसके बन्दों से मुहब्बत किया करते है। रैना"

वैष्णो माँ तेरी जय जय जयकार
मेरे बिगड़े सवारों काज विनती माँ सुनो मेरी,
रहे चिन्ता नहीं कोई इनायत हो अगर तेरी,
अभी तो दो धड़ी बाकी नहीं फिर ये मिले फुरसत,
करो उपकार मेरी माँ बड़ी ही हो गई देरी। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ 
अपने बारे में सोचा नहीं है,
क्या ये खुद से ही धोखा नहीं है।
दिल का क्या कब चल दे  रैना"

Wednesday, May 25, 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ वैष्णो रानी तेरी लागी लगन,
मस्त हो गया मेरा मनवा मगन,
मेरी और कोई भी चाहत नहीं है,
लगी रहे ऐसी ही मन में अगिन। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ  
तुझे हम भूलना तो चाहते पर याद तडफाये,
मुझे यू याद करना छोड़ वर्ना दम निकल जाये।

मेरा रिश्ता तेरे दिल से तुझे ये कौन समझाये।

याद को अब कौन समझाये।
जान  

Tuesday, May 24, 2016

वैष्णो माता तेरी जय जयकार
वैष्णो रानी की जय जय बोलो,
मन के बंद सारे दरवाजे खोलो,
माँ को पाने का इक आसां मंत्र,
अपनी तराजू में झूठ मत तोलो। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
कितना तड़फता इन्सान पानी के खातिर,
लेकिन बेवजह बहाने से बाज नहीं आता। रैना"
बहु आई कीर्तन से थक के चूर हुई लगती,
ससुर लगा रहा झाड़ू सास बर्तन साफ कर रही। रैना"
मुहब्बत बिक रही अब तो सरे बाजार में यारों,
रखे जो जेब में पैसे उसी के नैन मिलते हैं। रैना"

दाम करने को अदा गर पास तेरे,
मुख्य सुर्खी अख़बार की तू होगा। रैना"

सियासत की चमक तो पड़ गई काली,
सफेद कपड़ों पे हो सकते खून के छीटे। रैना"

Monday, May 23, 2016

वैष्णो माता की जय
नहीं चिन्ता यहां कोई दिया सबकुछ मेरी माता,
इनायत है तेरी इतनी किया सबकुछ मेरी माता।
करो कुछ खास मेरी माँ न भटके चैन मिल जाये,
लगी हो नाम की बारिस कली ये मन की खिल जाये।
तमन्ना है यही मेरी न रैना"दूर जायेगा,
दिवाना हो गया तेरा तेरे ही भजन गायेगा। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ

Sunday, May 22, 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
तलब तेरी लगी मुझको तेरा जलवा दिखा माता,
रहे कोई न मुश्किल में सभी के घर चला माता,
नहीं कुछ मांगता रैना" करो किरपा यही हम पे,
मुझे है दीद की हसरत तेरे दर्शन दिखा माता। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ

बात के धनी लेकिन हकीकत से दूर रहते है,
आजकल ऐसे लोगों को राजनेता कहते है। रैना"

मत पूछो क्या क्या सनम देते,
दिल के टुकड़े भी जख्म देते। रैना"

Saturday, May 21, 2016

वैष्णो माँ की जय
जामे नाम का प्याला पिला दे इक बार,
मन पे नाम की मस्ती चढ़ा दे इक बार,
बेबस रैना"कब से भटक रहा है मईया,
तेरा जलवा हसीं वो दिखा दे इक बार। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ 
वक़्त के हाथों पिटे हर बार यारों,
हार फिर भी की नहीं स्वीकार यारों।
है तमन्ना कुछ अलग अन्दाज सा हो,
मौत से कब है हमें इन्कार यारों।
है शहर दुश्मन मेरा चिन्ता नहीं है,
यार हमने भी बनाये चार यारों।
बेखुदी में दूर सा खुद से रहा मैं,
बेवजह करता रहा तकरार यारों।
आंख लगती ही नहीं है रात सारी,
आज भी पी का रहा इंतजार यारों।
फिर कभी हो नहीं शिकवा गिला भी,
गर गिरा दो बीच की दीवार यारों। 
चैन पल भर भी यहां मिलता नहीं है,
अब चलो चुप से चले उस पार यारों।
देर रैना"किसलिये इंतजार किसका,
सोचते हम आज है इतवार यारों। रैना"


Wednesday, May 18, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मुझे तेरा सहारा दे दे माँ,
डूबते को किनारा दे दे माँ।
मुझे लगता मंजिल दूर है,
एहसास प्यारा दे दे माँ।
खुशियां माँ मेरी बांट रही,
हमें हक़ हमारा दे दे माँ।
मेरी महलों की चाहत नहीं,
चैन से बस गुजारा दे दे माँ।
तेरे दीद को आंखें तरस रही,
वो अदभुत नजारा दे दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

दोस्तों कुछ कड़वी मगर सच

इस दौर में हर शै बिकाऊ है,
रुतबा उसी का जो कमाऊ है।
अब प्यार का तो लव कहे सारे,
शै चाइना तो कम टिकाऊ है।
क्यों कौन कर ले देश की सेवा,
जब ये मसीहा माल खाऊ है।
भड़के दंगे ये साफ़ लगता है,
ये आग नेता ही लगाऊ है।
अब तो भरत सिर पर नहीं रखता,
श्री राम जी की जो खड़ाऊ है।
रैना"नसीहत मत किसी को दे,
हर इक यहां अब घाघ ताऊ है।

Tuesday, May 17, 2016

गर्म मौसम में सर्द का एहसास होना,
हादसा है फ़िलहाल लगता ख़ास होना।
ये अदा क्या कम है हसीं दिलबर बता तो,
पास हो कर तेरा न मेरे पास होना।


 जय जय माँ वैष्णो जी
माँ चरणों से लगाये रखना,
दास अपना बनाये रखना,
जिन्दगी  की अन्धेरी राहें,
दीप मन में जलाये रखना। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
ख्वाब कोई सजाये रखना,
टूटने से बचाये रखना।
जिन्दगी को गिला रहेगा,
दिल उसीसे लगाये रखना।
दूर तक राह दे दिखाई,
दीप मन का जलाये रखना।
भौंकते हैं कुत्ते गली के,
कर में पत्थर उठाये रखना।
गर मंजिल की तलब लगी है,
फ़क़त सिर को झुकाये रखना।
लोग हंसते रहेगे अक्सर,
राज दिल में छुपाये रखना।
तब मिले है हबीब रैना"
मन को मन्दिर बनाये रखना। रैना"



Monday, May 16, 2016

जय माँ वैष्णो जी 
माँ अपने चरणों से लगा ले यही फरियाद करते हैं,
हमें कभी भूलना मत माँ तुझे हरदम याद करते है। 
हम दुखी परेशान रहते है हमें ठिकाना नहीं मिलता,
तेरे मूरत माँ सदा अपने मन में हम आबाद करते है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ 
दर्द देते दवा नहीं करते,
यार फिर भी गिला नहीं करते।
हाथ मिलते रहे यही काफी,
आजकल दिल मिला नहीं करते।
ख़ास उसने कमी नहीं छोड़ी,
लोग दिल से दुआ नहीं करते।
बात कोई वजह रही होती,
हादसें यूं हुआ नहीं करते।
राज दिल में दफन करें रैना"
हर किसी से कहा नहीं करते। रैना"
दूर मन से जमी गन्दगी न हुई,
छोड़ मस्ती घड़ी बन्दगी न हुई।
जी रहे घूट हम पी रहे कड़वा,
अब भली सी हसीं जिन्दगी न हुई।
दौर फैशन का तू अब जरा सा संभल,
अब अदा ख़ास सी सादगी न हुई।
रात भर चांदनी भी गिला सा करें,
हैं खिले फूल पर ताजग़ी न हुई।
है शहर सो गया ख्वाब सज से रहे,
बात रैना" अभी राज़ की न हुई। रैना"


बेवजह का रोना छोड़ दे,
होश अपना खोना छोड़ दे,
मेहनत से सबकुछ है मिले,
 तान कर तू सोना छोड़ दे। "रैना"

Sunday, May 15, 2016

वैष्णो माता जी की जय जय जय
जगजननी वैष्णो रानी माँ मुझ पे कृपा ख़ास करो,
हम दूर परेशान से बैठे हैं अपने चरणों के पास करो,
तेरे सहारे के बिना माँ कुछ भी होना असम्भव है,
अपने दर्शन दिखला दो माँ दूर आँखों की प्यास करो। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ

आग में जलते रहे जो उम्र भर,
उनसे पूछो सर्द मौसम का मिजाज। रैना"

शहर की दीवारें कुछ जवां सी दिखती है,
क्या फिर किसी फरेबी का चुनाव होना है। रैना"

बेटी बचाओ अभियान क्या खूब चल रहा है,
मास्टर जी कर रहे अश्लील हरकतें। रैना"
इन्सान तो ढंग से रो नहीं सकता,
ये बुत हरगिज खुदा हो नहीं सकता। रैना"

तलब अपनी भी गुमनाम रहने की है,
क्योकि शहर के लोग बदनाम बहुत है। रैना"

दोस्तों इस ग़ज़ल को पढ़ना गौर करना

मुड़ के घर की तरफ फर्ज से देखने वाले,
कम हुये हाल माँ बाप का पूछने वाले।
इश्क में जो लगे जख्म नासूर ही बनते,
दाग दिल के न होते कभी छूटने वाले।
हुस्न से ये गिला इश्क करता रहे अक्सर,
वो भला बेवजह क्यों हुये रूठने वाले।
सर्द रहना हुआ खास अन्दाज सा जिसका,
तेज सी धूप में भी नहीं सूखने वाले।
गम सहे चुप रहे है न कोई गिला रैना"
हम सितारें नहीं उस क़दर टूटने वाले। रैना"

Saturday, May 14, 2016

वैष्णो माँ की जय
जब माँ तेरा इशारा मिलता है,
तब ये जीवन प्यारा मिलता है।
वर्ना भटकते रहते बदकिस्मत,
तेरी रहमत से नजारा मिलता है।
माँ शुभ होते उनके कर्म अच्छे,
जिनको तेरा सहारा मिलता है।
तेरी शरण में जो भी आ जाते,
माँ उनको ही किनारा मिलता है।
माँ रैना"से भला क्यों रूठ गई,
क्यों हमें टूटा सितारा मिलता है। रैना"
दोस्तों देखना
तब देश के हाल होगे बेहतर,
जब सियासतदान सोचे बेहतर।
तब चैन से सौ रहे हो लोग भी,
कुत्ते गली के जो भौँके बेहतर।
खुद लूटने में लगे जो बाग़ को,
वो क्यों लुटेरों को रोके बेहतर
उजले से कपड़े गवाही दे रहे,
है झूठ को आज कहते बेहतर।
है वोट की ही चिंता बेजार दिल,
बरबाद घर खूब लगते बेहतर।
यूं हर तरफ ही मचा है शोर सा,
रैना"भले मौन रहते बेहतर। रैना"





श्याम तेरा नाम दिल पे लिखा है,
मोहिनी दासी तुझी पे फ़िदा है।
तू नहीं मिलता गिला है न शिकवा,
दूर आंखों से तू दिल में बसा है
फूल का खिलना महक बिखरती है,
खूब हसीं कातिल तेरी हर अदा है।
मैं तेरी मुझ में बसा तू ही काना,
क्यों खफा मुझसे हुआ तू जुदा है।
ढूंढते रहते तुझे मेरे ये नैना, 
मैं दिवानी क्या तुझे ये पता है।
मोहिनी"की चाह हम से मिलो तुम,
माफ़ कर दो गर हुई जो खता हैं। मोहिनी"
इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
जो भरोसा भूल कर है करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते नेता कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये। 
रास आये ही न तुझको वफ़ा,
हम नहीं करते खता देखिये।
काश रैना को मिले वो कभी,   
पर उसी की है रजा देखिये। रैना"
संडे स्पेशल दोस्तों पढ़ना गौर से

अब तलक जो बात न बनी है,
मेहनत की ख़ास ही कमी है।
गर गिला किस्मत से ही करेंगे,
बर्फ़ हटती फिर न जो जमी है।
हो रहा कुछ ख़ास ये लगे है,
इसलिये तो सांस न थमी है।
इश्क का अन्जाम ये रहा है,
दर्द दिल में आंख में नमी है।
हम किसे इल्जाम दे बता तो,
है गिला सा खुद से ही ठनी है,
कर सके वो अमल न कही पे,
सिरफ़ रैना"बात का धनी है। रैना"

Thursday, May 12, 2016

इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
है भरोसा भूल कर जो करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते फिरते कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये। 
रास आये ही न तुझको वफ़ा,
इसलिये की है खता देखिये।   
तू जब मेरे पास नहीं होता,
जीवन में रंग ख़ास नहीं होता। 
जय जय माँ वैष्णो जी
प्यारा तेरा दरबार मेरी माँ वैष्णो,
हमें बुला इक बार मेरी माँ वैष्णो,
हसरत नहीं कोई मेरी तमन्ना,
अब करने है दीदार मेरी माँ वैष्णो। रैना"
इस सियासत की अदा देखिये,
है शहर सारा खफा देखिये।
ढेर वादों के लगाये रखे,
दूर रहती है वफ़ा देखिये।
है भरोसा भूल कर जो करें
फिर उसे मिलती सजा देखिये।
जात महजब रंग के नाम पर,
बांटते फिरते कजा देखिये।
जो किताबें हैं पढ़े वो दुखी,
लूटते अनपढ़ मज़ा देखिये।
दौड़ पैसे के लिये दौड़ते,
हर कदम पे दे दग़ा देखिये।  
बेवफा मैं वफ़ा की तलाश है,
ये अदा अब बड़ी आम ख़ास है।
हैं किनारे खड़े समुन्दर के हम,
क्यों लगी जोर से यूं प्यास है।
हादसा क्या हुआ साथ में भला,
चेहरा यूं लगे कुछ उदास है।
चीर कर दिल दिखा दे मगर बता,
क्यों हुआ तू खफ़ा सा निराश है।
तू नजर क्यों नहीं आ रहा मुझे,
यूं बसेरा तेरा दिल के पास है ,
नैन चुप से हुये जल बचा नहीं,
पी मिलेंगे यही आज आस है। रैना"

Wednesday, May 11, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी रहमत से ही माँ मेरी जीवन का चक्कर चलता है,
गम की तेज आंधियां माँ फिर भी ये दीपक जलता है।
तू आदिशक्ति माँ शेरोवाली अंत भी तू विस्तार भी तू,
तेरे हुक्म से दिन निकले तेरे हुक्म से सूरज ढलता है।रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ
  


पास रह कर भी दूर बहुत,
इसलिये हम मजबूर बहुत।
तूं कभी मैं मैं ही न करें,
मैं हुआ जो मगरूर बहुत।
बैठ तन्हा सच सोच रहा,
झूठ है क्यों मशहूर बहुत।
है धुआं उठता देख शमा,
इश्क में दिल है चूर बहुत।
खूब उसके अन्दाज रैना"
चेहरे से टपके नूर बहुत।रैना"


Tuesday, May 10, 2016

जय जय माँ वैष्णो
तू इतनी सी किरपा कर माता,
कटे मजे से बाकी सफर माता।
मैं दर दर क्यों तुझे ढूंढा करू,
मेरे मन में कर ले घर माता।
यहां तो जैसे तैसे काट ली है,
मुझे आगे का बहुत डर माता।
तेरे नाम की भक्त्ति दे मुझको,
मेरी चाह न दौलत जर माता।
तेरे दीद करू दिल मेरा झूम उठे,
झोली रैना"की ख़ुशी से भर माता। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


Monday, May 9, 2016

पत्नी सतसंग में मस्त नाच नाच कर भजन गा रही,
पति दुखी घर में झूठे बर्तनों की ढोलकी बजा रहा। रैना"
दोस्तों देखना

तू चाहे मुझ से प्यार न कर,
इस कदर दिल पे वार न कर।
है बड़ा नाज़ुक ताव न दे,
टूटता दिल तकरार न कर।
अब हमें सहने दर्द तेरे,
बख़्श हिम्मत इन्कार न कर।
आज फिर मन को चैन नहीं,
तू बेसबरी से इंतजार न कर।
हम करें है हर हाल यकीं,
तू चाहे तो एतबार न कर।
काश रैना ये ध्यान करें,
चल संभल के हद पार न कर।रैना"

ढूंढता फिरता उसे तू यहां वहां,
वो तेरे मन में तेरे इन्तजार में। रैना"
बुरे कर्मों से गुरेज कर ले,
नर्क में जगह की कमी नहीं। रैना"

Sunday, May 8, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हरपल माँ मन ये मेरा तेरी जय जयकार करें,
तेरी जय जयकार करें तेरे चरणों से प्यार करें,
रहे उलझन न कोई भी परेशानी माँ शेरावाली,
कबूल विनती करें मेरी माता रैना"दीदार करें। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 
मैं मुसाफिर भटकना नसीब मेरा,
है खफ़ा जो हमनवा हबीब मेरा।
जो कभी रहता रहा हसीन सपना,
आज वो हमदम बना रकीब मेरा।
पास मन्जिल के करें गिला हमेशा,
है नसीबा भी भला अजीब मेरा।
यार मेरे है नहीं यकीन काबिल,
मौत दे देगा मुझे तबीब मेरा।
इक ख़ता ने दी अजल सजा है,
रास्ता अब देखती सलीब मेरा।
अब गिला शिकवा नहीं अजीज रैना"
क्या करें जब प्यार बदनसीब मेरा। रैना"

Saturday, May 7, 2016

माँ को समर्पित
है गुनगुनी सी धूप महकी सी हवा जैसी,
माँ तो इबादत है इनायत सी दुआ जैसी,
बेशक खुदा को तो कभी मैंने नहीं देखा,
मुझको लगे ये माँ मेरी रैना"खुदा जैसी। रैना"
वैष्णो माँ की जय
वैष्णो माँ की लगन लग जायेगी,
जीवन में बहार तब ही आयेगी,
गर माँ पे भरोसा कर लेगा रैना'
मुरझाई कली फिर महकायेगी। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

दोस्तों के लिए कुछ खास

याद तेरी है सताये मुझे,
इश्क की आतिश जलाये मुझे।
किसलिये हम हैं जुदा हुये,
दर्द अपना वो सुनाये मुझे।
पैर छाती पे रखे हैं सभी,
कौन अपना क्यों उठाये मुझे।
क्यों किसी को हम बुरा ही कहे,
रंग नसीबा ही दिखाये मुझे।
काश समझे दर्द मेरा कभी,
हमनवा अपना बनाये मुझे।
है यही अरमान रैना"भला,
वो गले से तो लगाये मुझे। रैना"
आतिश =आग


Friday, May 6, 2016

वैष्णो माँ की जय
नाम का जाम पीना यही हसरत,
छोड़ दुनिया तुझी से करी उल्फ़त,
माँ मुझे तू लगा ले गले अपने,
कर इनायत बदल दे मेरी किस्मत।रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ   

Thursday, May 5, 2016


मेरे दिल की बात  दोस्तों की महफ़िल में

मेरा हंसता हुआ चेहरा उसे रास नहीं आया,
वो मेरा अपना रहा फिर भी पास नहीं आया।
काट ली है अब तो जैसे तैसे खिंच कर हमने,
यूं जिंदगी में मजा तो कुछ ख़ास नहीं आया।
है यही काफ़ी तेरे कदमों में ही गुजरी अपनी,
ये ख़ुशी लौट कर घर अपने उदास नहीं आया।
तू रहा खाली कुछ भी हासिल नहीं कर पाया,
क्योंकि तुझको खुद पे ही विश्वास नहीं आया।
शिकायत तुझसे यही रही मेरे हमदम नसीब,
रैना"की जिंदगी में बहार का मास नहीं आया। रैना"


वैष्णो माँ की जय
मेरी मईया जरा उपकार करो,
तेरे भक्तों का माँ उद्धार करो,
दर से न खाली लौटाओ माता,
विनती मेरी माँ स्वीकार करो। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
दोस्तों के लिये
तूने यूं ही सताना है,
हमने तो मुस्कराना है।
हम जाने है तेरे घर को,
मेरे मन में ठिकाना है।
बदले तेवर घड़ी पल में,
कुछ ऐसा ही जमाना है।
कब बेजा है अजल आती,
बनता कोई बहाना है।
उल्फ़त की राह मुश्किल है,
खुद अपना घर जलाना है। 
रैना"क्या ख़ाक बदले हम,
गम में डूबा तराना है। रैना"

Wednesday, May 4, 2016


हास्य व्यंग्य टोपी
हम ने भी अब पहननी टोपी पहनाने के लिये,
क्योकि यही हुनर बचा खुद को बचाने के लिये।
देखो न महात्मा गांधी ने नेहरू को टोपी पहनाई,
नेहरू ने जनता के सिर पे टिकाई और कुर्सी पाई।
इसी तरह अन्ना ने केजरीवाल को टोपी थमाई,
केजरीवाल ने दिल्ली में टोपी घुमाई कुर्सी हथयाई।
कवि भाइयों मेरा तो शत प्रतिशत यही ख्याल है,
हर क्षेत्र में बस टोपी का ही असल में कमाल है।
देखो जब से श्री वास्तव ने टोपी को हाथ लगाया,
उसने तब से हर मंच से मुंहू मांगा दाम पाया।
देखो न अब विश्वास पहले जैसा ही  लिखता है,
पर टोपी के कारण अब पांच सात लाख में बिकता है। 
इसलिये कवि भाइयों रैना"कहता है देर न लगाओ,
धड़ल्ले से टोपी पहनो और दूसरों को टोपी पहनाओ।
वर्ना मुश्किल में ही रहनी ये अति कीमती जान है,
यदि टोपी पहनाना सीख लोगे हो जाना कल्याण है। रैना"
 


रहे खामोश हम लेकिन,
यही अब ठान ली हमने,
हवा में शब्द उछलेंगे,
किसी को क्या फर्क पड़ना,
मन का गुब्बार निकालेंगे। रैना" 
वैष्णो माता की जय
हुई हमसे खता जो भी उसे तू माफ़ करदे माँ,
नहीं होता सबर अब तो जरा इन्साफ करदे माँ,
नहीं करनी हमें मस्ती बना दे मस्त दीवाना,
कमी मुझ में बहुत होगी मेरे मन साफ करदे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ

मिलेगा मेहनत का फल कही प्रश्नचिन्ह लगता है,
हवा ने क्यों घरोंदा तोड़ डाला मेहनतकश चिड़िया का। रैना"

Tuesday, May 3, 2016

जब भी ये मौसम सर्द होता है,
दिल के कोने में दर्द होता है।


दोस्तों के लिये

नैन मेरे नम बहुत हैं,
क्या करें अब गम बहुत हैं।
अब बचे कैसे बता दे,
एक नहीं ये यम बहुत हैं।
हैं डरे से लोग सारे,
बिन फ़टे तो बम बहुत है।
छोड़ कर तन्हा चले हैं,
यूं मेरे हमदम बहुत है।
ब्याह बेटी का न होता,
दान को पैसे कम बहुत है।
काश रैना"की सुने वो,
राह भूले हम बहुत है। रैना"

Monday, May 2, 2016


हसीं दिलकश अदाओं ने हमें मारा हमें मारा,
नसीबों की जफ़ाओं ने हमें मारा हमें मारा।
करें शिकवा भला कैसे मेरा दिल रूठ जाता है,
सनम तेरी खताओं ने हमें मारा हमें मारा।
जमाना है बड़ा संगदिल हंसे कोई रुलाता है,
मिली बेजा सजाओं ने हमें मारा हमें मारा।
तमन्ना थी मेरी हसरत करें आबाद गुलशन को,
मेरे ही रहनुमाओं ने हमें मारा हमें मारा।
संभल कर हम चले हमने नहीं कोई कसर छोड़ी,
अभी बदली हवाओं ने हमें मारा हमें मारा।
खता रैना"हुई हम से भला हम भूलते कैसे,
तेरी ही बददुआओं ने हमें मारा हमें मारा। रैना"


वैष्णो माँ की जय जय
हे माँ बुझा दे प्यास मेरी,
पूरी करो माँ आस मेरी,
दीदार की हसरत जवां है,
चाहत यही है ख़ास मेरी। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
आप के लिए कुछ ख़ास ग़ज़ल

गर लगी हो लगन संभलता जरूर है,
वक़्त एक दिन कभी बदलता जरूर है।
ये अलग बात इज़हार हो नहीं कभी,
दिल किसी के लिये मचलता जरूर है।
पी रहे लोग मय को दवा किये हुये,
जाम हो बद तभी छलकता जरूर है।
मेहनत जो करें दिल लगा नहीं थके,
वो सितारा बने चमकता जरूर है।
चाह कर भी कभी भूलता नहीं हसीं,
याद में दिल कभी पिघलता जरूर है।
तू बता हम इसे किस तरह जुदा करें,
दिल उसी के लिये धड़कता जरूर है। रैना"

Sunday, May 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
अब तेरा ही सहारा जय जय माँ,
है बहुत दूर किनारा जय जय माँ,
माँ मेरी तू भला क्यों रूठ गई,
अब न होता गुजारा जय जय माँ। रैना"
दर्द को हमने छुपा कर देखा,
आंख से दरिया बहा कर देखा। 
जागते कैसे नसीबा मेरे,
वक़्त ने नजरें चुरा कर देखा। 
वक़्त बदला तो सभी हैं बदले,
आंख सब ने ही बचा कर देखा।
चैन दिल को है मिला आराम सा,
जब गिरे को है उठा कर देखा। 
चांद निकला बात सी होने लगी,
चांदनी ने भी नहा कर देखा। 
काश परवाना करें ये शिकवा,
क्यों शमा को ही जला कर देखा। 
जाम रैना"नाम का ही पीना,
है मजा गर दिल लगा कर देखा। रैना"


 
फ़र्ज है अदा करती,
दर्द की दवा करती,

याद तो भली अच्छी
जो सदा वफ़ा करती। रैना"

सफ़र जिन्दगी का खत्म हो ही जायेगा,
यही सोचते हम छोड़ के क्या जायेंगे। रैना"

बेचारें कुछ लोग ढंग से खा न पाते है,
अंडे खाने को मिलते मुर्गी काट खाते है,
बाद में खूब पछताते रोते चिल्लाते है,
जब हिस्से में छिलकें भी न आते है। रैना"