Saturday, May 14, 2016

वैष्णो माँ की जय
जब माँ तेरा इशारा मिलता है,
तब ये जीवन प्यारा मिलता है।
वर्ना भटकते रहते बदकिस्मत,
तेरी रहमत से नजारा मिलता है।
माँ शुभ होते उनके कर्म अच्छे,
जिनको तेरा सहारा मिलता है।
तेरी शरण में जो भी आ जाते,
माँ उनको ही किनारा मिलता है।
माँ रैना"से भला क्यों रूठ गई,
क्यों हमें टूटा सितारा मिलता है। रैना"

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