वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी रहमत से ही माँ मेरी जीवन का चक्कर चलता है,
गम की तेज आंधियां माँ फिर भी ये दीपक जलता है।
तू आदिशक्ति माँ शेरोवाली अंत भी तू विस्तार भी तू,
तेरे हुक्म से दिन निकले तेरे हुक्म से सूरज ढलता है।रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ
तेरी रहमत से ही माँ मेरी जीवन का चक्कर चलता है,
गम की तेज आंधियां माँ फिर भी ये दीपक जलता है।
तू आदिशक्ति माँ शेरोवाली अंत भी तू विस्तार भी तू,
तेरे हुक्म से दिन निकले तेरे हुक्म से सूरज ढलता है।रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ
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