मुहब्बत बिक रही अब तो सरे बाजार में यारों,
रखे जो जेब में पैसे उसी के नैन मिलते हैं। रैना"
दाम करने को अदा गर पास तेरे,
मुख्य सुर्खी अख़बार की तू होगा। रैना"
सियासत की चमक तो पड़ गई काली,
सफेद कपड़ों पे हो सकते खून के छीटे। रैना"
रखे जो जेब में पैसे उसी के नैन मिलते हैं। रैना"
दाम करने को अदा गर पास तेरे,
मुख्य सुर्खी अख़बार की तू होगा। रैना"
सियासत की चमक तो पड़ गई काली,
सफेद कपड़ों पे हो सकते खून के छीटे। रैना"
No comments:
Post a Comment