वैष्णो माँ की जय जय जय
मुझे तेरा सहारा दे दे माँ,
डूबते को किनारा दे दे माँ।
मुझे लगता मंजिल दूर है,
एहसास प्यारा दे दे माँ।
खुशियां माँ मेरी बांट रही,
हमें हक़ हमारा दे दे माँ।
मेरी महलों की चाहत नहीं,
चैन से बस गुजारा दे दे माँ।
तेरे दीद को आंखें तरस रही,
वो अदभुत नजारा दे दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
मुझे तेरा सहारा दे दे माँ,
डूबते को किनारा दे दे माँ।
मुझे लगता मंजिल दूर है,
एहसास प्यारा दे दे माँ।
खुशियां माँ मेरी बांट रही,
हमें हक़ हमारा दे दे माँ।
मेरी महलों की चाहत नहीं,
चैन से बस गुजारा दे दे माँ।
तेरे दीद को आंखें तरस रही,
वो अदभुत नजारा दे दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
No comments:
Post a Comment