Friday, April 1, 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरी नजरे इनायत माँ खिले हैं फूल गुलशन में,
मिली इज्जत मुहब्बत माँ कोई मुश्किल न जीवन में,
तमन्ना इक बची बाकी करो उसको अभी पूरी,
मुझे आबाद कर माता बना लो घर मेरे मन में। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ 

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