Friday, April 22, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
नहीं कोई सहारा माँ बहुत ही दूर मन्जिल है,
तेरा ये भक़्त मुश्किल में मेरी फरियाद सुन ले माँ।
किसे अब हम कहे अपना सभी है यार मतलब के,
अगर माँ तुम करो किरपा बनेगी बात तब मेरी। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ 

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