जला के घर मेरा देखो खड़ा वो मुस्कराता है,
बुरा कैसे कहे उसको मेरा दिल रूठ जाता है,
खबर उसको रहे इतनी नहीं हम आज के साथी,
बसा वो रूह में मेरी पुराना उस से नाता है। रैना"
बुरा कैसे कहे उसको मेरा दिल रूठ जाता है,
खबर उसको रहे इतनी नहीं हम आज के साथी,
बसा वो रूह में मेरी पुराना उस से नाता है। रैना"
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