Tuesday, April 26, 2016


मेहनत पर भरोसा है मगर ये कड़वी सच्चाई है,
देख कर हाथों में छालें किस्मत खिल खिल हंसती है। रैना"

हमें फुरसत नहीं गम से नसीबो से शिकायत है,
नसीबा हंस के कहते हैं कर्म तेरे हुये ऐसे। रैना"



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