वैष्णो माँ की जय जय जय
ले के श्रदा जो मन में आये कोई,
गर प्रीत की रीत निभाये कोई,
उसे मुहु मांगा वर मिल जाता,
माँ के दर से न खाली जाये कोई। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ
ले के श्रदा जो मन में आये कोई,
गर प्रीत की रीत निभाये कोई,
उसे मुहु मांगा वर मिल जाता,
माँ के दर से न खाली जाये कोई। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ
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