वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ क्यों खफ़ा सी रहती हो,
चुपचाप भला क्यों सामने बैठी हो,
कुछ अपना हुक्म फरमा माता,
ऊँगली पकड़ के मुझे चला माता।
मेरी आंखों प्यास बुझा माता,
मुझे अपने दर्श दिखा माता।
तेरी भक्ति में जीवन बितायेंगे,
जय माँ जय माँ हरपल ध्यायेगे। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
मेरी माँ क्यों खफ़ा सी रहती हो,
चुपचाप भला क्यों सामने बैठी हो,
कुछ अपना हुक्म फरमा माता,
ऊँगली पकड़ के मुझे चला माता।
मेरी आंखों प्यास बुझा माता,
मुझे अपने दर्श दिखा माता।
तेरी भक्ति में जीवन बितायेंगे,
जय माँ जय माँ हरपल ध्यायेगे। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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