वैष्णो माँ की जय जय जय
दीवानें आ बैठे तेरे दर माता,
तेरे चरणों में अपना घर माता,
हम तुझ से और कुछ न मांगे,
कर रहम की इक नजर माता।
इस दुनिया के बहुत रंग हुये,
बड़ी मुश्किल लगता डर माता।
तू भी सुनती न फरियाद मेरी,
हम कैसे कर ले सबर माता।
किस दौर से हम हैं गुजर रहे,
ये तुझको भी है ख़बर माता।
रैना"के मन में अपना घर कर ले,
कटे मजे से बाकी सफ़र माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ
दीवानें आ बैठे तेरे दर माता,
तेरे चरणों में अपना घर माता,
हम तुझ से और कुछ न मांगे,
कर रहम की इक नजर माता।
इस दुनिया के बहुत रंग हुये,
बड़ी मुश्किल लगता डर माता।
तू भी सुनती न फरियाद मेरी,
हम कैसे कर ले सबर माता।
किस दौर से हम हैं गुजर रहे,
ये तुझको भी है ख़बर माता।
रैना"के मन में अपना घर कर ले,
कटे मजे से बाकी सफ़र माता। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ
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