ये कैसी विडंबना ?????//
बेचारे कुत्ते जिसका खाते उसी के हो जाते,
चाहे मारो जूते डण्डे फिर भी पुंछ हिलाते,
लेकिन इंसान जिसका खाते उसको गुर्राते,
मौका लगते ही जोर से बोटी काट खाते।
फिर भी खुद को अव्वल दर्जे का जीव बताते। रैना"
बेचारे कुत्ते जिसका खाते उसी के हो जाते,
चाहे मारो जूते डण्डे फिर भी पुंछ हिलाते,
लेकिन इंसान जिसका खाते उसको गुर्राते,
मौका लगते ही जोर से बोटी काट खाते।
फिर भी खुद को अव्वल दर्जे का जीव बताते। रैना"
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