Sunday, April 17, 2016


वैष्णो माँ तेरी जय जयकार
अगर होती तेरी किरपा तेरा दीदार कर लेते,
न रहते हम परेशां से जो तुझ से प्यार कर लेते,
लगी रहती यही चिन्ता किसे अपना कहे रैना"
मेरी माता करम करदो सफ़ीना पार कर लेते। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ 

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