Thursday, March 31, 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरे भक्तों की सुन ले पुकार मेरी माँ,
हाथ जोड़े खड़े हम तेरे द्वार मेरी माँ,
हैं हसरत तमन्ना कोई और नहीं,
हम मांगे फ़क़त तेरा प्यार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी---- ------जय जय माँ 

Wednesday, March 30, 2016

शहर के लोग मतलब के बिना मतलब न बोले हैं,
करेंगे जांच 
फर्क जब वो नहीं करता फर्क फिर हम क्यों करते है,
नूर इक से ही उपजे सब भला फिर हम क्यों लड़ते हैं।
मैदा कमज़ोर है इन्सान का हजम न होती कामयाबी,
फूल कर कुप्पा हो जाते गर जरा सा जो ऊंचा चढ़ते हैं।
दावा उसको मिलाने का नसीहत  दे रहे उपदेशक जी,
मुहब्बत का दिखावा है पाठ अब नफ़रत का पढ़ते हैं।
अब मौसम न शरीफों का बदमाशों पे आई जवानी है,
जिनके हाथ में लाठी रैना"वही तो अब आगे बढ़ते हैं। रैना"

Tuesday, March 29, 2016

सियासतदानों के वादें "?????
और गोलगप्पे एक जैसे है,
ज्यादा देर टिकते नहीं हैं। रैना"

बुरे तो हम बहुत देखो किसी को क्या बुरा कहना,
यहां जो लोग रहते हैं लगे भगवान के जैसे।रैना"


नहीं है डोलता देखो कभी इमान कुत्ते का,
भला इंसान है देखो अक्सर रंग बदलता है। रैना"

ख़ुशी का थाम लो दामन मिले सब का सहारा है,
यही अन्दाज जीने का नहीं रो कर गुजारा है।"रैना"

वैष्णो महारानी  जय जय जय
वैष्णो अम्बे रानी का कभी उपकार न भूले,
बच्चें अपनी माता का सच्चा प्यार न भूले।
हैं उलझनें बहुत हम अक़्सर भूल ही जाते,
जो आते वक़्त किया हमने वो करार न भूले। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ


तलब दिल में बढ़ाये रख नया कुछ कर दिखाने की,
जरूरत है सिर्फ इक बार सोया मन जगाने की। रैना"

बहुत ज्यादा नहीं हैं यार चलते साथ जो अक्सर,
अदा जब फ़र्ज करना हो हाथ पकड़ा छोड़ देते है। रैना"

भरोसा मत करो यारों यहां हैं लोग मतलब के,
वफ़ा तुझ से करें वो क्यों दगा माँ बाप से करते। रैना"

Monday, March 28, 2016

वैष्णो माँ की जय
भक्तों पे किरपा कर माता,
हम आ बैठे तेरे दर माता,
अब रख ले अपने चरणों में,
मेरे मन में कर ले घर माता।
जब सोच लगे अपने घर की,
मोहे लगता बहुत डर माता।
पूरा हो जीवन का मकसद,
मेरे सिर पर हाथ धर माता।
रैना"को चाह तेरे दर्शन की,
हम मांगे न भूमि जर माता। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


 पास हो कर दूर हो तुम,
किसलिये मजबूर हो तुम।
खैर तुझ सा मैं नहीं हूं,
मैं अंधेरा नूर हो तुम।
दे गरीबों को सहारा,
कर भला मशहूर हो तुम।
मन तेरा है पुष्प कोमल,
यूं जिंदादिल शूर हो तुम।
चश्म से है अश्क बहते,
सब के गम में चूर हो तुम।
काश रैना"जान लेता,
हो गये मगरूर हो तुम। रैना"






है कहां घर तेरा हम फिरे ढूंढते,
ख़ाक हम छानते हर गली घूमते।
तू न मिलता कहीं क्या करें ये बता,
जान अनजान हम बेवजह झूमते। रैना"

Sunday, March 27, 2016

वैष्णो माँ  जय जय
मेरी माँ लाज रख लेना तेरे हम भक़्त प्यारे है,
नहीं कोई यहां अपना दिवाने गम के मारे है,
उठे तूफ़ान दिल में माँ करो अब शांत मन मेरा,
किसी ने कुछ नहीं करना फ़क़त तेरा सहारा है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

दोस्तों देखना ग़ज़ल का रंग
बावफ़ा भी आजकल तो बेवफ़ा होने लगे,
बदनसीबों पे बनी बेवक़्त हैं सोने लगे।
राह कांटों से भरी है पांव छलनी हो रहे,
वक़्त के मारे मुसाफ़िर बैठ के  रोने लगे।
भीड़ बढ़ती जा रही है दौड़ता इन्सान है,
हादसें अब इस शहर में रात दिन होने लगे।
दिल नहीं माने मगर अक्सर दिलाशा दे रहे,
याद करती बावफाई दाग हम धोने लगे।
देख बदली ढंग तेरे हमने किया ये फैसला,
है करी तैयार धरती प्यार हम बोने लगे।
छोड़ रैना"जिद्द तेरी जिन्दगी आबाद कर,
किसलिये हैरान हो तुम होश क्यों खोने लगे। रैना"


Saturday, March 26, 2016


वैष्णो माता की जय
मेरा मन तड़फ रहा माता तेरे दीदार के खातिर,
वैष्णो माँ अम्बे रानी फ़क़त तेरे प्यार के खातिर,
करो किरपा मेरी माता खत्म हो जायेगी उलझन,
लगाये आस बैठे हैं इसी शुभ समाचार के खातिर। रैना"
सुप्रभात जी----------------- -------जय जय माँ






Friday, March 25, 2016

वैष्णो माँ की जय
वैष्णो मईया कर्म ये तेरा है,
मेरे जीवन रोशन सवेरा है।
जब तेरा नाम लिया,
माँ तूने थाम लिया,
टूटा गमों का घेरा है।
वैष्णो मईया ---------रैना।

Thursday, March 24, 2016

दोस्तों सही है क्या
देश में घटती देख घटनायें बुद्धिजीवी हो रहे हैरान बहुत,
अफ़जल के चेले मौज करें सुभाष के फौजी परेशान बहुत।
गद्दारों का साथ देने आगे आ गये नेता खांसी वाल जी,
तभी तो गद्दार कर रहे हैं भारत माता का अपमान बहुत।
देशवासियों को लड़ाने का कुछ नेताओं ने ठेका ले रखा,
तभी तो उनकी खूब चल रही राजनीति की दूकान बहुत।
भारत माँ की जय नहीं बोले कुछ नमक हराम ऐसा कहते,
हिंदुस्तान का खाते लेकिन उनको प्यारा पाकिस्तान बहुत।
जाग उठे हैं देशवासी रैना" मिल के अपना फर्ज निभायेंगे,
खबरदार हो जाओ गद्दारों अब मचला हुआ है तूफ़ान बहुत। रैना"


दोस्तों पढ़ के देखना
बेवजह सब जी रहे जिन्दगी कुछ ख़ास हो,
दर्द दिल में हो जगा पी मिलन की आस हो।
रास्ते की बात क्या ठान कर मन में चले,
खोद ले हम तब कुआ जब लगी जो प्यास हो।
कौन कहता है कभी जागती किस्मत नहीं,
जागती किस्मत मगर आस हिम्मत पास हो।
देश के गद्दार को मान मिलता है नहीं,
देर है अन्धेर नाही सही में नाश हो।
दीद उसके हो सके गर सच्ची हो लगन,
हो भरोसा जान पर खुद पे जो विश्वास हो।  रैना"
वैष्णो माता की जय
आये दर ते भिखारी अम्बे रानिये, भक्ता ते मेहर कर दे,मेरी माँ,
तेरे दीद दी तलब बेकरारी, माँ भक्ता दी झोली भर दे, मेरी माँ।
भक्ता दी झोली भर ----------------------
दर्शन करने दे पुरे इरादे माँ,
तू बैठी बंद कर के दरवाजे माँ,
कानू रुस गई वैष्णो महारानी, द्वारे हुन खोल घर दे मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------------जय जय माँ 


Wednesday, March 23, 2016


होली  शुभकामनाये जी
वैष्णो माता की जय
सुनो वैष्णो माता,
माँ जगत विधाता,
उद्धार करो,उद्धार करो,
आये भक्त्त द्वारे,
 हर लो दुःख सारे,
 उपकार करो,उपकार करो।
दुखो का घर ये दुनियादारी,
सुख मिले जब हो कृपा तुम्हारी,
माँ अर्ज हमारी स्वीकार करो।
उपकार करो -----------रैना"
 सुप्रभात जी --जय जय माँ


Tuesday, March 22, 2016

याद रखना खूब है पैगाम होली का,

भारत माँ के प्रति दर्द फिर से सीने में उठने लगा,
भगत सिंह,राज गुरू,सुखदेव लौट कर अब आयेंगे। रैना"
भारत माता की जय जय जय जय जय जय जय।
पास रहते मगर नही मिलते,
फूल दिल के तभी नही खिलते। 
वैष्णो  माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का सहारा जब मिलता है,
फूल मन का तब ही तो खिलता है,
रैना"पकड़ ले दामन तू मईया का,
माँ के दम से ही सारा जग चलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय जय माँ 

Monday, March 21, 2016


दोस्तों दिल की बात प्रिय दोस्त महेश जी,
सुधीर जी,मुकेश जी को समर्पित

सो रहे थे जगा गया कोई,
राह घर की बता गया कोई।
ख़ुदक़शी हम करे यहीं सोचा,
ख़ाक उड़ती बचा गया कोई।
है तबीबो हसीं बड़ा दिलकश,
दर्द दिल का मिटा गया कोई।
मौन रह कर वफ़ा अदा करता,
कर्म बुत पे कमा गया कोई।
काश रैना"नसीब हो मन्जिल,
प्यास फिर से लगा गया कोई। रैना"

Sunday, March 20, 2016

समझते है सब जमाने वाले,
कौन हैं तुझको बचाने वाले।
देश में अब तो मुखर है काफी,
पाक का झण्डा उठाने वाले।

जय जय वैष्णो माता
जय जय वैष्णो माता कृपा तुम्हारी,
मजे से चल रही ये जिन्दगी हमारी,
चरणों का प्यार बख्शो मांगे रैना"
हमको प्यारी रहे खुद्दारी ईमानदारी। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ 

Saturday, March 19, 2016



वैष्णो माता की जय
खफा हो माँ हमें तो फ़क़त तेरा ही सहारा है,
मेरी कश्ती बड़ी डोले बहुत ही दूर किनारा है।
बड़ा बेचैन दिल मेरा नही पलभर सकूं मुझको,
उसी ने कर दिया रुसवा जिसे हमने पुकारा है।
हुआ वीरान है गुलशन नही उम्मीद खिलने की,
खफा जब बागवां होगा न आये फिर नजारा है।
गली के लोग कहते हैं बना माँ का पुजारी है,
ख़ुशी मिलती नही इसको फिरे क्यों बेसहारा है।
करो माँ माफ़ गल्ती को दिखा दो अब तेरा जलवा,
दुखी रैना"करे विनती हुआ मुश्किल गुजारा है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ


Friday, March 18, 2016

वैष्णो माँ की जय
तलब दीदार की है भूख तेरे प्यार की माता,
करे विनती सुनो पीड़ा दिले बेजार की माता,
मेरा नम्बर लगाना तू कभी माँ वैष्णो रानी,
थमी है साँस बरसे नैन हद इंतजार की माता।
कभी मैं सोचता तुझको परेशानी बहुत भारी,
मुझे अपनी पड़ी तुझको चिंता संसार की माता।
लगी है माँ लगन तेरी बहाना अब नही कोई,
करी है बुक टिकट मैंने अगले बुधवार की माता। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ

टूटे हुये चिराग को जला रहे,
सोते हुये नसीब को जगा रहे,
 कोशिश की तमाम 
टूटे दिल की दवा न मिली,
तड़फे आशिक कजा न मिली।
खिलगत में सब शुमार हुये,
पैसे से भी वफ़ा न मिली।
मत पूछो क्यों चिराग बुझे,
महकी ताज़ी हवा न मिली।
ऐसा अपना नसीब हुआ,
मरने की भी सज़ा न मिली।
मुरझाये गुल बहार रही,
बदकिस्मत को फ़िज़ा न मिली।
रैना"वो बदनसीब हुये,
जिनको माँ की दुआ न मिली।


जब जब हुई धर्म की हानि देश का हुआ नुकसान है,
तब तब निज हित छोड़ साथ खड़ा हुआ हिंदुस्तान है।
जिस देश में रहता हो और उस देश की न जय बोले,
ऐसा इन्सान धोखेबाज़ फ़रेबी गद्दार ओ बेईमान है।
जात धर्म की बात तो होती पर देश भक्त तो सारे हैं,
उसको मजा चखायेगें जो देश का करता अपमान है।
भारत वासी मिल कर अब गद्दारों को मार भगायेंगे,
देश के खातिर हम सब एक यही हमारी पहचान है।
पेट में उनके दर्द जो पकिस्तान के हमदर्द प्यारें हैं,
उन्हें मिटाने को आया देश भक्ति का तूफान है। रैना"


Thursday, March 17, 2016

माँ वैष्णो की जय
माँ का जयकारा जो बोलेगा प्रेम से,
मन के बंद दरवाजे खोलेगा प्रेम से।
फिर तो जिंदगी में आये न कोई कमी,
जो अपने तराजू में सच तोलेगा प्रेम से।
मन के घर उजाला ओ होगी रौशनी,
धर्म के रस्ते पे गर हो लेगा प्रेम से।
रैना"की तलाश तो तुझ पे आ खत्म,
माँ होगी तेरी कृपा तो सो लेगा प्रेम से। रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ 
निसंदेह वो भारत देश में रह नही सकता,जो गद्दार भारत माँ की जय कह नही सकता। 
दर्द दिल का जानता कोई नही,

Wednesday, March 16, 2016

खूबसूरत हो हसीं खुद को बहकाया न करो,
फेसबुक पे डाल फोटो यूं इतराया न करो।
है सही हर रोज तो सूरत बदला न करे,
रोज दिन में बार बार सेल्फ़ी बनाया न करो।
किस घड़ी है क्या घटे हर कोई अनजान रहे,
बोल ऊँचे बोल कर खुद को चमकाया न करो।
देश से करता दगा गन्दा जिसका खून रहे,
भौकते कुत्ते सदा तुम यूं घबराया न करो।
भेदियों की मौज अब लंका में है सेंध लगी,
बन्द मुठ्ठी खोल कर तुम दिखलाया न करो।
जी रहा रैना"मगर अब कोई चाहत न बची,
झूठ की अगरबत्ती से घर महकाया न करो। रैना"


भगवान उनको सदबुद्धि दे,ये सोच कर ही हैरानी हो रही है,
कुछ को भारत माता की जय बोलने में परेशानी हो रही है।
बेशक उनको भी ये खबर है वो अपनी माँ को गाली दे रहे,
फिर क्या सिद्ध करने के लिये इतनी बड़ी नादानी हो रही है।
चंद मौकापरस्तों ने भारत में नफरत की आग भड़काई है,
गद्दारों की मौज ठाट हुई बरबाद आम जिन्दगानी हो रही है। 
बेशक समझने लगी है अब तो मौकापरस्तों की चाल को,
हिन्दुस्तान की जनता अब पहले से कुछ सयानी हो रही है।
हरामखोरों को सबक सिखाओ आम जन की यही पुकार,
गद्दारों को सूली पे लटकायो किसलिये आनाकानी हो रही है।रैना" 

वैष्णो रानी की जय जय जय
मुझ पे मैहर करो माता इक तेरा सहारा है,
मझदार में भटक रहे कहीं दूर किनारा है,
अब आन पड़ी मुश्किल मेरी टूटी हुई किश्ती,
आवाज किसे दे माँ यहां कोई न हमारा है। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ 

जिन्दगी का गीत गाते पर न जाने तर्ज़ को,
आ गया तक़्सीम करना भूल बैठे फ़र्ज़ को।
आदमी की सोच देखो इस कदर बदली हुई,
प्यार पैसे से हुआ है बात करता गर्ज़ को। 
मतलबी है हो गया माँ बाप को भी नोचता,
देखता अब है नही सिर पे चढ़े उस क़र्ज़ को।
ढूंढता फिरता उसे मन में बसा पर चोर है,
ले रहा उससे दवाई जो न जाने मर्ज़ को।
ख़त्म रैना"का सफ़र फिर भी न तुझको दिन मिले,
भूलता है तू उसे फिर वो सुने क्यों अर्ज को। " रैना "
9416076914 

Tuesday, March 15, 2016

जन्म दिन की बधाई न दे तू मुझे,
मरन दिन दूर है याद तो मत करा। रैना"

चैन से जीने का हुनर आ गया,
मैं कमी अपनी ढूंढता तन्हा बैठ कर। रैना"


है नही कोई अपने मिजाज सा,



Monday, March 14, 2016

चैन से बैठो जरा बंद दवारे खोल कर,तब दिखाई दे तुझे घोर अंधेरा छा रहा,
भाग कितनी दौड़ है फिर भी हासिल कुछ नही,
है बड़ा भोला सजन यूं कहे सब पा रहा। रैना"

Sunday, March 13, 2016

ढूंढते रहते है हम खुद को तेरी तलाश में,
दूर ठहरे मेरी नजर तुम ठहरे हो पास में।
हम मिले किस मोड़ पर बात ये कैसे बने,
तुम समा गये हो दिल आँखों की प्यास में।
है दिवाना दिल हुआ हम करे तो क्या भला,
हम सजा के रखते तुझे विश्वास आस में।
हम करे मुकाबला तेरा ये हो सकता नही,
है जिकर मेरा नही तुम शामिल हो खास में।
अब ये दूरी कम करो हाल मेरा तू जान ले,
ये बता क्या कुछ फर्क मेरे सफल प्रयास में। रैना"




वैष्णो माता की जय
देख कर रंग दुनिया के,
बदलते ढंग दुनिया के,
मन परेशान मेरी माँ,
जान हैरान मेरी माँ।
मेरी माँ तुम कर्म कर दो,
तेरा कर सिर पे धर दो।
तभी भव पार हो माता,
मेरा उद्धार हो माता। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 


दोस्तों देखना ख़ास आप के लिए

आइना देख कर शरमाया न करो,
इस कदर खुद पे इतराया न करो।
वक़्त की चाल सब को बेचाल करे,
खूब दिलकश अदा इठलाया न करो।
दूर बैठा हुआ कोई सोच रहा,
नाज़ नखरें हसीं दिखलाया न करो।
बददुआ से बचो वरना ख़ाक उड़े,
दिल दुखी को कभी तड़फ़ाया करो।
ये जमाना शक़ी इसकी गौर करे,
बेवजह कर हया मुस्काया न करो।
चार दिन की बची रैना"शाम भली,
अब लगी है लगन बहकाया न करो। रैना"
94160 76914





Saturday, March 12, 2016

गिरगट ने रंग बदलना छोड़ दिया,
कछुऐ ने धीरे चलना छोड़ दिया,
परवाने ने भी जलना छोड़ दिया,
डेक के पेड़ ने बढ़ना छोड़ दिया।
आखिर क्यों ??????
गिरगट --?? नेता जी है रंग बदलने के लिये।
कछुआ--??सरकारी काम है धीरे चलने के लिये।
परवाना--??देश में नफरत की आग है जलने के लिये।
डेक का पेड़ --??महंगाई है अब बढ़ने के लिये। रैना"




माँ वैष्णो रानी की जय जय जय
हुआ मैं फेल जिंदगी में मेरी माँ पास कर देना,
दिवाना मैं बनू तेरा यही माँ ख़ास कर देना।
पकड़ दामन भलाई का चले ईमान के रस्ते,
बुराई का मेरी माता पतन सब नाश कर देना।
लगे मन मेहनत में माँ न भटके अब कभी रैना"
गुजारिश है मेरी माता सफल प्रयास कर देना। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------- जय जय माँ 
कभी देना सहारा मत किसी अपने बेगाने को,
गले पे पैर रख तेरे निकल जायें वही आगे। रैना" 
दोस्तों देश भक्तों को समर्पित मेरी किताब की,
एक रचना पढ़ना अच्छी लगे तो लाइक /शेयर करना
भारत माँ की जय जय

मरे हम देश के खातिर यही अरमान बाकी है,
भरोसा इसलिये तन में बची ये जान बाकी है।
अभी तो सह रहे लेकिन लहू है खोलता हरदम,
तमाशा लोग देखेगें दबा तूफान बाकी है।
चले रस्ते शहीदों के हमें कुछ कर दिखाना है,
चुकाना कर्ज धरती का अभी तो आन बाकी है।
सियासतदान मतलब को करे है देश का सौदा,
बड़ा बेशर्म धोखेबाज वो शैतान बाकी है।
मिटे गद्दार की हस्ती करेंगे कुछ भला ऐसा,
बजेगा शंख लड़ाई का छिड़ेगी तान बाकी है।
यही हम सोच कर बैठे सुधर जाये रहे अच्छा,
वही इन्साफ कर देगा अभी भगवान बाकी है।
दरिन्दें हैं बहुत आये हमारी अज़ मिटाने को,
सनातन है न डोला हिन्द की वो शान बाकी है।
करे कुर्बान हस्ती को हटे हरगिज नही पीछे,
अभी से क्या कहे रैना" मिला वरदान बाकी है।रैना"@
94160 76914 @@
दोस्तों  मेहरबानी से कुछ खास लिख पाता हूँ

कभी दिल में रहा करते अभी कुछ दूर दिल से हैं,
उसे अब तक नही भूले हुये मजबूर दिल से हैं ।
भले जो लोग होते है बुरा करते नही अक्सर,
मगर इन्सान ऐसे भी हुये बेनूर दिल से हैं।
चला अब दौर पैसे का बड़ा छोटा हुआ पैसा,
हमें पैसा नही प्यारा हुये मशहूर दिल से हैं।
मेरी माँ रो रही कर याद बचपन की मेरी बातें,
मुझे चिन्ता नही कोई मेरी माँ चूर दिल से है।
मेरी सूरत नही अच्छी हमें फिर भी गुमां रैना"
अगर माने न क्या लेना दिवानी हूर दिल से हैं।@ रैना"
9416076914 @@

Friday, March 11, 2016

सियासत को लगे अच्छा वफ़ा का खून ही अक्सर,
लिखा इतिहास में ऐसा यही सब हो रहा अब भी। रैना"

नही कोई बहन भाई न ही माँ बाप होता है,
सियासत में सिर्फ रिश्ता हुआ करता है मतलब से। रैना"


इक जर्रे को आफ़ताब कहने की जुर्रत न कर,
मैं हो नही सकता कभी तारीफ के क़ाबिल। रैना"

Thursday, March 10, 2016

दोस्तों अब काफी कुछ लिख लिया। अब सोचता हूं अपनी रचनायें,
आप के रूबरू हो के सुनाऊ।
मुझे आप के सहयोग की जरूरत है। आप मुझे कवि सम्मेलन,
मुशायरा,हास्य कवि सम्मेलन में बुला सकते है।
भटका हुआ मुसाफ़िर: राजेन्द्र शर्मा "रैना" 94160 76914 

दोस्तों कुछ अलग से आप के लिए

हुआ मकसद नही पूरा तमाशा सा बना फिरता,
उजाले में अंधेरा है चढ़ा सूरज ढला फिरता।
हुई हासिल नही मन्जिल मुसाफिर है बहुत भटका,
यही मुश्किल नही माने भला अरमां पला फिरता।
करू मैं क्या यही सोचू जमाना है भला लेकिन,
बुरा तो मैं हुआ खुद से परेशां सा भगा फिरता।
किसी से दिल लगाने की ख़ता मैं कर नही सकता,
कहीं पे हीर है रोती कहीं रांझा ठगा फिरता।
ठिकाना दूर है तेरा यहां पल का बसेरा है,
कभी तू सोच ले "रैना"बता क्यों है तना फिरता। रैना"
94160 76914 
शान से बैठा पर्दे में मचा रहा है शोर कोई,
कन्हैया तो मुखौटा है अफजल तो और कोई।
जय जय माँ वैष्णो रानी जी

जो भी माँ के प्यारे हो जाते,
सारे जग से न्यारे हो जाते,
उन्हें चिंता फ़िक्र न परेशानी,
रैना"चमके सितारे हो जाते। रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 
कभी हंस कर करो सजिदा यही कहता दिवाना है,
कहीं दिल ओर है भटके कहीं मारा निशाना है।
भला है क्यों रखी दूरी सदा महबूब से अपने,
न उससे दिल लगाने का बता अब क्या बहाना है।
धुंआ उठता नज़र आये जला है घर लगे तेरा,
तुझे चिन्ता नही अपनी कहे खुद घर जलाना है।
न करता प्यार की बातें सदा उल्टा ही बोले है,
ख़ुशी की बात हो लेकिन गाये गम का तराना है।





दोस्तों इक बार पढ़ना जरूर जी

 नही तेरी ख़ता कोई दिया है गम नसीबों ने,
शिकायत क्या करे उससे हमें लूटा हबीबों ने।
बड़ा ही दर्द दिल में था गये लेने दवा हम भी,
दवा तो दी नही है जख़्म दे दीना तबीबों ने।
हुआ ये हादसा देखो बड़ा अफ़सोस है मुझको,
गिराया हमनवा ने पर उठाया है रकीबों ने।
मरे बेमौत हम लेकिन चलो दिल को तसल्ली है,
चली है बात जब मेरी कहा अच्छा अजीजों ने।
अजी खुद्दार मुश्किल में मजे गद्दार लूटे हैं,
बुरा ही हाल भारत का है नोचा मास गिद्दों ने।
किसी को क्या कहे रैना"हुये पैदा यहां अफजल,
किया है देश से धोखा मसीहा चंद शरीफों ने। रैना"


Wednesday, March 9, 2016

दोस्तों मेरी गज़लें आप के लिए होती हैं

ख़्वाब में आना जगाना याद आये,
आज भी गुजरा जमाना याद आये।
बाद मुद्दत भी न सूखा जख़्म दिल का,
उस कली का मुस्कराना याद आये।
बिछुड़ कर उनसे मरे बेमौत हम तो,
अब न जीने का बहाना याद आये।
गांव को हम छोड़ कर आये शहर में,
बाग़ में हंसना हंसाना याद आये।
अब तमन्ना है यही अरमान बाकी,

हर घड़ी दिलकश ठिकाना याद आये। रैना"

माँ वैष्णो देवी की जय जय
तू लक्ष्मी सरस्वती माँ काली है,
तेरी महिमा अजब निराली है।
माँ रहम भक्तों पे तू कर देती,
माँ तू खाली झोली है भर देती।
अब रैना" पे भी माँ मैहर करो,
मेरी बारी न माँ इतनी देर करो। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ


                   ग़ज़ल
तेरी आंखो से छलके शराब जैसे,
पी रखी मैंने भी बेहिसाब जैसे।
हर अदा खूब है दिल हुआ दिवाना,
हो सुबह का हसीं आफ़ताब जैसे।
हल नही जो हुआ है सवाल हम से,
मिल गया है उसी का जवाब जैसे। 
राज कोई छुपा के रखा नही है,
जिन्दगी है खुली सी किताब जैसे।
देश में शोर ऐसा मचा हुआ है,
हो गये ख़ास कुछ बेनक़ाब जैसे।
काश रैना"कभी तो बहार आती,
दो घड़ी ठाट होते नवाब जैसे। रैना"



Tuesday, March 8, 2016

वैष्णो माँ की जय जय
करो विनती स्वीकार मेरी माता,
करो भक्तों का उद्धार मेरी माता,
भटक रहे हैं परेशान मुसाफिर,
बख्शो अपना प्यार मेरी माता।
मिल जाये तेरे नाम की दौलत,
भव से कर दो पार मेरी माता।
तभी मिले गा समस्त खजाना,
जब होंगे तेरे दीदार मेरी माता। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
देख मौसम बदलते रंग अपना,
हम बदल सकते नही ढंग अपना।
इस कदर जो तुम

Monday, March 7, 2016

वैष्णो माँ की जय जय

अब सही न जाये दूरी,माता जी मजबूरी,
हां माँ भक्तों पे किरपा करो,
बिन दर्शन यात्रा अधूरी,माता जी मजबूरी,
हां माँ भक्तों पे किरपा करो,
तेरे इशारे बिना होगा न उजाला माँ,
हम भी पी लेंगे नाम प्याला माँ,
यही करना काम जरूरी,माता जी मजबूरी,
हां माँ भक्तों पे किरपा करो। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

दोस्तों आप के लिए खास

रात में भी नींद आती नही,
याद उनकी लौट जाती नही।
इश्क़ ने बेहाल कर ही दिया,
आग भड़के है जलाती नही।
क्यों डरी सी जिन्दगी है भला,
मौत किसको आ बुलाती नही।
शाम ढलती ख़ास अन्दाज से,
जख़्म अपना वो दिखाती नही।
है बड़ी बेदर्द दुनिया सही,
आग भड़काये बुझाती नही।
देश का खा दे रहा है गाली,
बेहया को शर्म आती नही।
आजकल का दौर ही बेवफ़ा,
लाज मुखड़ा यूं छुपाती नही। रैना"





Sunday, March 6, 2016

जय माँ वैष्णो रानी
वैष्णो माँ जब मेहर करे,मन की मुरझाई कली खिल जाये,
चिन्ता रहे न कोई परेशानी हर गम से फुरसत मिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ 

Saturday, March 5, 2016

सोच के चूल्हे में याद की लकड़ियां डाल कर आग सुलगा दे,
फिर देखिये किस कदर लफ्ज पकने लगेगें जहन में। रैना"
माँ वैष्णो रानी की जय

कोई दर नही माँ के दर जैसा,
यहां मिलता मन को सहारा है,
जिसने माँ का दामन पकड़ा है,
माँ ने उसको पार उतारा है।
जय जय माँ जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 
भीड़ में गुम सा घूमता फिरता,
आदमी खुद को ढूंढता फिरता।
याद उसको घर भी नही अपना,
ख़ाक गलियों की छानता फिरता।
जेब में अपनी है नही आना,
जेब दूजे की देखता फिरता।
हीर को ढूंढे है कभी रांझा,
बन भिखारी है मांगता फिरता।
नाम प्याला जो पिये आशिक,
मस्त दीवाना झूमता फिरता।
इश्क में खोये होश ही अपनी,
यार के दर को चूमता फिरता।
वो रहे मन में ही तेरे रैना"
तू कहां उसको खोजता फिरता। रैना"



Friday, March 4, 2016

फिजूल में भौकने वाले?????
कुत्ते को बदनाम न कर?????
कुत्ता खा कर कभी गद्दारी नही करता। रैना"

माँ वैष्णो रानी की जय जय जय
वैष्णो रानी महरानी मेहर करो,
दे दो दर्शन अब न माँ देर करो,
जीवन की राह में अन्धेरा घना,
काली रात मेरी माँ सवेर करो। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

Thursday, March 3, 2016

दिल जले आंखो में नमी रहती,
क्या करे कोई तो कमी रहती,
सरद मौसम तो है नही फिर भी,
बर्फ दिल में क्यों है जमी रहती।
बिन तेरे हम तो दुःख बहुत सहते,
साँस मेरी तो जैसे थमी रहती।
सुन कभी तो फरियाद तू मेरी,
दूसरों की तुझको लगी रहती।
जिन्दगी का क्या कब किनारे हो,
मौत ही अपने संग खड़ी रहती।
सो गये सब रैना" नही चिन्ता,
है फ़िकर मेरी माँ जगी रहती।

वैष्णो माँ की जय
है तलब माँ तेरे दर्शन की,मेरे मन की प्यास बुझा दे माँ,
मैं भटका हुआ मुसाफिर हूं,मेरी मंजिल का पता दे माँ।
वक़्त की गहरी चोटों से,दिल मेरा ये टूट के बिखर गया,
वैष्णो रानी पतवार है तू,टूटी कश्ती किनारे लगा दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ 
वाह मेरे हिंदुस्तान
विदेश में जो देश के खिलाफ बोलता है,उसे सूली पे चढ़ा दिया जाता है,
हिंदुस्तान में देश के खिलाफ बोलने वाले को नेता बना दिया जाता है। रैना"


दोस्तों खास ग़ज़ल खास दोस्तों के लिये
तुम बावफ़ा हम बेवफ़ा निकले,
क्या सोच तेरी हम क्या निकले।
हम ढूंढते हैं गुमशुदा लेकिन,
खुद ही शहर में लापता निकले।
हम ढल गये कुछ इस तरह देखो,
मुख से सदा ही बददुआ निकले। 
याद तेरी तब तो बहुत आती,
पास से जब ठण्डी हवा निकले।
जब शाम ढलती तब खबर होती,
ग़मगीन दिल से इक सदा निकले।
हम दोष देते गैर को रैना"
क़ातिल मेरे तो हमनवा निकले।रैना"

Wednesday, March 2, 2016

मसीहा है बड़ा बुझदिल छुपा घर में रहा बैठा,
शहर था जल रहा चिन्ता उसे खुद को बचाने की। रैना"





यही नसीबा हमारा है,
बड़ा मुश्किल गुजारा है।
ख़ुशी तो दूर रहती है,
हमें गम का सहारा है।
करी कोशिश नही माना,
खफ़ा दोस्त हमारा है।
ख़ता हम से हुई होगी,
तभी टूटा सितारा है।
बहुत भटके परेशां से,
नही मिलता किनारा है।
जिसे हम भूल बैठे थे,
उसी ने फिर पुकारा है।
तभी मौसम हुआ बदली,
फिजा ने मुख सवारा है।
चलो रैना" चले घर को,
वही घर खूब प्यारा है। रैना"

वैष्णो माँ की जय
करो उपकार मेरी माँ,
हमें दो प्यार मेरी माँ,
बहुत भटके परेशानी,
करो उद्धार मेरी माँ।
करो कम बीच की दूरी,
गिरे दीवार मेरी माँ।
दवारे खोल किस्मत के,
करे दीदार मेरी माँ।
जमाना को गिला मुझ से,
रहा बेकार मेरी माँ।
सुमन श्रदा के मैं लाया,
करो स्वीकार मेरी माँ।
सुप्रभात --जय जय माँ

बेजा कोई काबिल नही होता,
यूं चर्चा में शामिल नही होता,
उसने काफ़ी कुछ ही किया होगा,
ऐसे तो कुछ हासिल नही होता। रैना"




Tuesday, March 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
हां मिले गम हैं बेशुमार वैष्णो रानी माँ,
मेरा मन है बेकरार वैष्णो रानी माँ,
सुन अर्ज मेरी न माँ करो बहुत देरी,
जोड़ दे अब मन की तार वैष्णो रानी माँ।रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ

अपना बनाया है तुझे,
दिल में बसाया है तुझे,
इल्तजा है गुजारिश मजबूर नही करना,
पास दिल के हमें रखना दूर नही करना।
चाह है मेरे दिल की तू बख्श नयामत ही,
मैं रजा में हूं राजी मगरूर नही करना। रैना"