खूबसूरत हो हसीं खुद को बहकाया न करो,
फेसबुक पे डाल फोटो यूं इतराया न करो।
है सही हर रोज तो सूरत बदला न करे,
रोज दिन में बार बार सेल्फ़ी बनाया न करो।
किस घड़ी है क्या घटे हर कोई अनजान रहे,
बोल ऊँचे बोल कर खुद को चमकाया न करो।
देश से करता दगा गन्दा जिसका खून रहे,
भौकते कुत्ते सदा तुम यूं घबराया न करो।
भेदियों की मौज अब लंका में है सेंध लगी,
बन्द मुठ्ठी खोल कर तुम दिखलाया न करो।
जी रहा रैना"मगर अब कोई चाहत न बची,
झूठ की अगरबत्ती से घर महकाया न करो। रैना"
फेसबुक पे डाल फोटो यूं इतराया न करो।
है सही हर रोज तो सूरत बदला न करे,
रोज दिन में बार बार सेल्फ़ी बनाया न करो।
किस घड़ी है क्या घटे हर कोई अनजान रहे,
बोल ऊँचे बोल कर खुद को चमकाया न करो।
देश से करता दगा गन्दा जिसका खून रहे,
भौकते कुत्ते सदा तुम यूं घबराया न करो।
भेदियों की मौज अब लंका में है सेंध लगी,
बन्द मुठ्ठी खोल कर तुम दिखलाया न करो।
जी रहा रैना"मगर अब कोई चाहत न बची,
झूठ की अगरबत्ती से घर महकाया न करो। रैना"
No comments:
Post a Comment