वैष्णो माँ की जय
भक्तों पे किरपा कर माता,
हम आ बैठे तेरे दर माता,
अब रख ले अपने चरणों में,
मेरे मन में कर ले घर माता।
जब सोच लगे अपने घर की,
मोहे लगता बहुत डर माता।
पूरा हो जीवन का मकसद,
मेरे सिर पर हाथ धर माता।
रैना"को चाह तेरे दर्शन की,
हम मांगे न भूमि जर माता। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
भक्तों पे किरपा कर माता,
हम आ बैठे तेरे दर माता,
अब रख ले अपने चरणों में,
मेरे मन में कर ले घर माता।
जब सोच लगे अपने घर की,
मोहे लगता बहुत डर माता।
पूरा हो जीवन का मकसद,
मेरे सिर पर हाथ धर माता।
रैना"को चाह तेरे दर्शन की,
हम मांगे न भूमि जर माता। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
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