Saturday, March 19, 2016



वैष्णो माता की जय
खफा हो माँ हमें तो फ़क़त तेरा ही सहारा है,
मेरी कश्ती बड़ी डोले बहुत ही दूर किनारा है।
बड़ा बेचैन दिल मेरा नही पलभर सकूं मुझको,
उसी ने कर दिया रुसवा जिसे हमने पुकारा है।
हुआ वीरान है गुलशन नही उम्मीद खिलने की,
खफा जब बागवां होगा न आये फिर नजारा है।
गली के लोग कहते हैं बना माँ का पुजारी है,
ख़ुशी मिलती नही इसको फिरे क्यों बेसहारा है।
करो माँ माफ़ गल्ती को दिखा दो अब तेरा जलवा,
दुखी रैना"करे विनती हुआ मुश्किल गुजारा है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ


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