Saturday, March 12, 2016

दोस्तों देश भक्तों को समर्पित मेरी किताब की,
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भारत माँ की जय जय

मरे हम देश के खातिर यही अरमान बाकी है,
भरोसा इसलिये तन में बची ये जान बाकी है।
अभी तो सह रहे लेकिन लहू है खोलता हरदम,
तमाशा लोग देखेगें दबा तूफान बाकी है।
चले रस्ते शहीदों के हमें कुछ कर दिखाना है,
चुकाना कर्ज धरती का अभी तो आन बाकी है।
सियासतदान मतलब को करे है देश का सौदा,
बड़ा बेशर्म धोखेबाज वो शैतान बाकी है।
मिटे गद्दार की हस्ती करेंगे कुछ भला ऐसा,
बजेगा शंख लड़ाई का छिड़ेगी तान बाकी है।
यही हम सोच कर बैठे सुधर जाये रहे अच्छा,
वही इन्साफ कर देगा अभी भगवान बाकी है।
दरिन्दें हैं बहुत आये हमारी अज़ मिटाने को,
सनातन है न डोला हिन्द की वो शान बाकी है।
करे कुर्बान हस्ती को हटे हरगिज नही पीछे,
अभी से क्या कहे रैना" मिला वरदान बाकी है।रैना"@
94160 76914 @@

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