दोस्तों इक बार पढ़ना जरूर जी
नही तेरी ख़ता कोई दिया है गम नसीबों ने,
शिकायत क्या करे उससे हमें लूटा हबीबों ने।
बड़ा ही दर्द दिल में था गये लेने दवा हम भी,
दवा तो दी नही है जख़्म दे दीना तबीबों ने।
हुआ ये हादसा देखो बड़ा अफ़सोस है मुझको,
गिराया हमनवा ने पर उठाया है रकीबों ने।
मरे बेमौत हम लेकिन चलो दिल को तसल्ली है,
चली है बात जब मेरी कहा अच्छा अजीजों ने।
अजी खुद्दार मुश्किल में मजे गद्दार लूटे हैं,
बुरा ही हाल भारत का है नोचा मास गिद्दों ने।
किसी को क्या कहे रैना"हुये पैदा यहां अफजल,
किया है देश से धोखा मसीहा चंद शरीफों ने। रैना"
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