अपना बनाया है तुझे,
दिल में बसाया है तुझे,
इल्तजा है गुजारिश मजबूर नही करना,
पास दिल के हमें रखना दूर नही करना।
चाह है मेरे दिल की तू बख्श नयामत ही,
मैं रजा में हूं राजी मगरूर नही करना। रैना"
दिल में बसाया है तुझे,
इल्तजा है गुजारिश मजबूर नही करना,
पास दिल के हमें रखना दूर नही करना।
चाह है मेरे दिल की तू बख्श नयामत ही,
मैं रजा में हूं राजी मगरूर नही करना। रैना"
No comments:
Post a Comment