rajindersharmaraina
Monday, March 14, 2016
चैन से बैठो जरा बंद दवारे खोल कर,तब दिखाई दे तुझे घोर अंधेरा छा रहा,
भाग कितनी दौड़ है फिर भी हासिल कुछ नही,
है बड़ा भोला सजन यूं कहे सब पा रहा। रैना"
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