पास हो कर दूर हो तुम,
किसलिये मजबूर हो तुम।
खैर तुझ सा मैं नहीं हूं,
मैं अंधेरा नूर हो तुम।
दे गरीबों को सहारा,
कर भला मशहूर हो तुम।
मन तेरा है पुष्प कोमल,
यूं जिंदादिल शूर हो तुम।
चश्म से है अश्क बहते,
सब के गम में चूर हो तुम।
काश रैना"जान लेता,
हो गये मगरूर हो तुम। रैना"
किसलिये मजबूर हो तुम।
खैर तुझ सा मैं नहीं हूं,
मैं अंधेरा नूर हो तुम।
दे गरीबों को सहारा,
कर भला मशहूर हो तुम।
मन तेरा है पुष्प कोमल,
यूं जिंदादिल शूर हो तुम।
चश्म से है अश्क बहते,
सब के गम में चूर हो तुम।
काश रैना"जान लेता,
हो गये मगरूर हो तुम। रैना"
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