यही रहा गिला हमें,
कभी नही मिला हमें,
नसीब में न मय लिखी,
सनम जहर पिला हमें।
अर्ज यही करे तुझे,
अभी शमा जला हमें।
रहे निशां गरीब का,
नही गिला मिटा हमें। रैना"
कोई यहां अपना नही,
ये जिन्दगी सपना नही।
जाना बहुत ही दूर है,
कोई यहां बचना नही।
झूठे फरेबी लोग है,
उम्मीद कुछ रखना नही।
अरमान अक्सर टूटते,
फिर भी कभी रोना नही।
"रैना"अभी काली सही,
गम से कभी डरना नही। रैना"
हम रात भर रोते रहे,
वो चैन से सोते रहे।
पत्थर रहे हम तोड़ते,
गम का वजन ढोते रहे।
कैसा गिला क्यों किसलिये ,
ये हादसे होते रहे।
अफ़सोस करते रह गये ,
हम दाग ही धोते रहे।
रैना"उसी को फल मिले,
है बीज जो बोते रहे। "रैना"
MISRA-E-OOLA" / " MISRA-E-SANI" PROGRAMME KE TAHAT...
कभी तुम मेरे -------------बारे में ----------फ़िकर ही मत करना ,
हवा का क्या है, ................ वो चाहे ............ जिधर का रुख कर ले )