Sunday, January 25, 2015

dekho to shi ye


मां तो ममता का खजाना है,
मां ने हर हाल फर्ज निभाना है,
रौशनी नसीब होगी ये न सोचे,
मां ने तो दीपक को जलाना है।
मां का किरदार बड़ा कठिन है,
गम सह कर भी मुस्कराना है ,
मां के तप  की कीमत कम हुई,
जबसे होने लगा मार्डन जमाना है।
रैना"तूने इस दुनिया से क्या लेना,
तूने तो मां बाप का कर्ज चुकाना है। रैना"

सुप्रभात जी। .... जय जय मां
TASVEER KUCHH KAHTI HAI "

दहशतगर्दों ने उझाड़ दी बस्तियां,
तैरे झील में  अब  सूनी कश्तियां,
कुछ ऐसा ही मेरे मन का मंजर है,
आंखें सूखी दिल की जमीं बंजर है।
इंतजार है वो बहार फिर आएगी,
फूल खिलेंगे खुशबू महक जाएगी। रैना"

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