Sunday, January 25, 2015

rat bhar sone

Radeef Nibhaaiye(Post on 25&26)
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RAAT BHAR
रात भर जागने की सजा मिल गई,
इश्क की राह में है कजा मिल गई,
क्यों गिला किसलिये हम करे ये बता,
जिन्दगी ही हमे बेवफा मिल गई। रैना"

रात भर याद से बात करते रहे,
ख्याल बैठे मुलाकात करते रहे,
कशमकश में कटी क्या करे जिन्दगी,
नैन बेताब बरसात करते रहे। रैना"

तुझसे बिछुड़े रोते रहे रात भर,
हम दागे दिल धोते रहे रात भर,
शिकवा तुझसे हमको यही है गिला,
गम दे कर तुम सोते रहे रात भर। रैना"

 रोता रहा बच्चा मां जागती रही रात भर,
रब से दुआ भिक्षा ही मांगती रही रात भर,
मौला गरीबी मत देना कभी किसी यार को,
मां भूखे बच्चे के लिए भागती रही रात भर। रैना"

काश होता कोई हमे चाहने वाला,
सांस के जैसे साथ हो निभाने वाला,
अब भरोसा कैसे करे तो किसी पे रैना"
जो मिले वो निकले



 

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