हरपल भगा रहा है दौलत के लिये,
कुछ वक़्त निकाल इबादत के लिये ,
ये नफरत के बीज तू क्यों बो रहा है,
उसने भेजा है रैना"मोहब्बत के लिये। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय मां
कुछ वक़्त निकाल इबादत के लिये ,
ये नफरत के बीज तू क्यों बो रहा है,
उसने भेजा है रैना"मोहब्बत के लिये। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय मां
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