पंख फूटते हसरत जवां हो गई है ,
बेताब है मन आसमां छूने को,
हसरत जवां अफ़सोस तूने सुध नही ली मेरी,
अब सूखने को झील आँखों की
DOSTON ! MONDAY / TUESDAY : ... " TASVEER KUCHH KAHTI HAI "
वाह क्या खूब है करिश्मा ऐ कुदरत,
देख पंख है लगे मेरे अरमानों को। रैना"
बेताब है मन आसमां छूने को,
हसरत जवां अफ़सोस तूने सुध नही ली मेरी,
अब सूखने को झील आँखों की
DOSTON ! MONDAY / TUESDAY : ... " TASVEER KUCHH KAHTI HAI "
वाह क्या खूब है करिश्मा ऐ कुदरत,
देख पंख है लगे मेरे अरमानों को। रैना"
No comments:
Post a Comment