rajindersharmaraina
Monday, January 12, 2015
tere khwabo
जिन्दगी के सफ़र में,
है मजा तो सबर में।
गौर कर ध्यान भी तू,
कैद उसकी नज़र में।
क्या यहां कुछ नही है,
घर उसी के नगर में।
इश्क की राह मुश्किल,
दुःख मिले इस डगर में।
सोच "रैना"कभी तो,
क्या मिला इस शहर में। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
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