मुख जब मैं खोलू,जय जय माँ बोलू,
यही मेरा अरमान, मां का गुणगान।
जय मां वैष्णो रानी,जगकल्याणी,
आया तेरे द्वार,विनती करो स्वीकार,
बख्शो अपना प्यार,करना न इंकार।
होगी तेरी किरपा आश विश्वास मां,
बुझेगी मेरी अखियों की प्यास मां,
करो मां मेरा उद्धार,भव से करदो पार।
जय मां वैष्णो रानी,जगकल्याणी,
करना नही इंकार --------जय जय मां
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